अदलहाट। उत्तराखंड में निर्माणाधीन टनल में फंसे घरवासपुर गांव निवासी अखिलेश कुमार सिंह की गर्भवती पत्नी निधि सिंह को रविवार की शाम को उत्तराखंड हेल्प लाइन से बातचीत के दौरान जानकारी हुई कि अखिलेश टनल में फंसे हैं। वह अपने पति की सलामती के लिए ईश्वर से मिन्नत कर रही थी। जैसे ही अखिलेश के बाहर आने की सूचना मिली। पत्नी की आंख से आंसू छलक आए। उसके शब्द आंखों के रास्ते आंसू बनकर टपकने लगे। उसने कहा कि भगवान और माता पिता के आशीर्वाद से अखिलेश सकुशल बाहर आ सके।
मां अंजू सिंह ने बताया कि बेटे के टनल से बाहर निकलने की मन्नत पूरी हो गई है। लठिया गांव के लठेश्वर महादेव मंदिर में जाकर पूजा अर्चन के साथ मानी गई मनौती का चढ़ावा भेंट करूंगी। गांव के हनुमान मंदिर पर विशेष पूजा अर्चना कर अखिलेश के जीवन में खुशियां देने के लिए आशीर्वाद लूंगी। अखिलेश के चाचा विजय सिंह ने बताया कि हम दो तीन दिन से अखिलेश के साथ फोन पर संपर्क थे। उन्होंने रेस्क्यू में लगी सभी टीम को धन्यवाद दिया। उधर, अखिलेश ने फोन पर हुई बातचीत में कहा कि यह प्राकृतिक आपदा थी। माता-पिता और बड़ों के आशीर्वाद, जिला प्रशासन, सरकार और रेस्क्यू टीम के सहयोग से सकुशल बाहर आ पाया। जल्द ही घर आऊंगा। दो दिनों से माता पिता के साथ ही पत्नी व अन्य लोग अखिलेश से संपर्क में थे। उससे फोन के माध्यम से बातचीत कर रहे थे। वे अखिलेश की सलामती और उसके बाहर आने को लेकर आश्वस्त थे। आज बाहर निकलने पर मामा ने वीडियो काल के माध्यम से अखिलेश से बातचीत की। माता पिता ने अखिलेश के स्वास्थ्य के बारे में पूछा। साथ ही जल्द से जल्द घर आने की बात कही। परिजनों के साथ ही ग्रामवासियों ने भी अखिलेश से फोन पर बात की। अखिलेश कुमार की मां अंजू सिंह ने बताया कि अखिलेश की शादी निधि सिंह से लगभग दो वर्ष पूर्व हुई है। इस हादसे की जानकारी गर्भवती बहू निधि व दादा बेनी प्रसाद सिंह को बहुत दिनों तक नहीं दी गई। बहू के गर्भवती होने के कारण उससे कई दिनों तक यह बात छिपाई गई। सोमवार की शाम को उसे बताया गया। लगभग 80 वर्षीय दादा बेनी प्रसाद सिंह अपने पौत्र अखिलेश से बहुत स्नेह करते हैं। जो हृदय रोगी है, इसलिए उनसे भी हादसे की जानकारी काफी दिनों तक छिपाई गई।