पद्मश्री अजिता श्रीवास्तव की जयंती पर तस्वीर पर फुल अर्पित करती पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव व अ
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लोकगायिका पद्मश्री अजीता श्रीवास्तव की जयंती पर शनिवार को बरियाघाट स्थित प्राचीन श्री चित्रगुप्त मंदिर परिसर में श्रद्धांजलि गोष्ठी का आयोजन किया गया। सामाजिक संस्था केएसपी ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने अजीता श्रीवास्तव की कला पर प्रकाश डाला। कजली गायिका पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव ने कहा कि मेरी सहयोगी छोटी बहन अजीता श्रीवास्तव ने यह सिद्ध कर दिया कि किसी भी विधा में पूरी लगन के साथ समर्पित भाव से कार्य किया जाए तो निश्चित रूप से सफलता कदम चूमती है। गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे साहित्यकार गणेश गंभीर ने कहा कि पद्मश्री सम्मान से अलंकृत अजीता श्रीवास्तव ने लोकगायिकी की अतिप्राचीन विधा कजली को नई पहचान दी। केएसपी ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. शक्ति श्रीवास्तव ने कहा कि सरल स्वभाव की व्यवहार कुशल व मृदुभाषी, विनम्रता की प्रतिमूर्ति पद्मश्री अजीता श्रीवास्तव ने लोकगायिकी में एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया था जिसकी कमी आने वाली सदियों तक पूरी नहीं हो सकती। इस दौरान जय कुमार, शिवम श्रीवास्तव, वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ. अनुज प्रताप सिंह, सलिल पांडेय, शंकर राय, श्याम अचल, अनीता यादव मौजूद रहे।