जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि से कराए जाने वाले कार्यों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में वित्तीय वर्ष 2021-22 की बुनियादी सुविधाओं से संबंधित स्वीकृत योजनाओं के तहत कार्य कराने के लिए धनराशि दिए जाने तथा नए प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को आगाह किया कि 15वें वित्त से प्राप्त धनराशि से होने वाले कार्यों की गुणवत्ता खराब मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि नगर पालिका चुनार व अहरौरा तथा नगर पंचायत कछवां में कराए जाने वाले कार्यों में हुई प्रगति की भी समीक्षा की। साथ ही निकायवार गठित तकनीकी एवं प्रशासनिक समिति की जांच आख्या पर भी विचार किया गया।
जिलाधिकारी ने समिति के अधिकारियों से कहा कि जांच रिपोर्ट में निर्माण कार्य प्रारंभ होने से लेकर पूरा होने तक की बातें शामिल करें। बीच में यदि कार्य रुक गए हों तो उसके कारण भी रिपोर्ट में जिक्र किया जाना चाहिए।
बैठक में क्षतिग्रस्त सड़कों मरम्मत, जल निकासी के लिए नाली निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, कूड़ा उठाने के लिए ट्रैक्टर व ट्राली की खरीद संबंधी प्रस्तावों पर विचार किया गया। इसके अलावा नये हैंडपंप लगवाने व खराब की मरम्मत कराने, मिनी ट्यूबवेल लगवाने, ओवरहेड टैंक मरम्मत आदि से संबंधित कार्ययोजनाओं पर भी विचार किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आगाह किया कि जो भी निर्माण कार्य हों व उपकरण खरीदे जाएं, उनकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी शिव प्रताप शुक्ल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मुख्य कोषाधिकारी अर्चना त्रिपाठी, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट, अधिशासी अभियंता जल निगम, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी आदि मौजूद रहे।