पटेहरा / मिर्जापुर। संतनगर थाना क्षेत्र के गोहिया गांव के पास बृहस्पतिवार को पंचर होने के बाद ट्रैक्टर को सड़क पर खड़ा रखने से बाइक सवार चार दोस्तों की जान चली गई थी। मामले में पुलिस ने आरोपी ट्रैक्टर चालक को गैर इरादतन हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
थाना क्षेत्र के पटेहरा कला निवासी सुमेश (16) पुत्र रवि पाल, अंकित मिश्रा उर्फ राम (15) पुत्र बद्री प्रसाद मिश्रा, बहरछठ मौजा निवासी गणेश (17) पुत्र हरिहर यादव व रेक्सा खुर्द निवासी अर्पित पाण्डेय (16) पुत्र राधेश्याम पाण्डेय एक ही बाइक से अपने मित्र के बहन की शादी में खनवर मझारी गांव गए थे। बृहस्पतिवार की सुबह चारों मित्र एक ही बाइक से घर वापस लौट रहे थे। संतनगर थाना क्षेत्र के गोहिया गांव के पास लालगंज की तरफ से ईंट लेकर आ रही ट्रैक्टर-ट्राली पंचर होने के बाद पहले से ही सड़क पर खड़ी थी। बाइक सवार के बगल से एक बोलेरो तेजी से निकली। जिससे अनियंत्रित तेज रफ्तार बाइक सवार चारों किशोर ट्रैक्टर ट्राली में पीछे से टकरा गए। हादसे में बाइक सवार चारों किशोरों की मौत हो गई थी। पुलिस ने मृतक सुमेश के पिता रवि की तहरीर पर ट्रैक्टर चालक और मालिक पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। थानाध्यक्ष अरविंद सरोज ने बताया कि गैर इरादतन हत्या के आरोपी सोमे निवासी दुबार कला बरकछा थाना लालगंज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
घटना के दूसरे दिन भी गांव में रहा मातम
पटेहरा / मिर्जापुर। संतनगर थाना क्षेत्र के गोहिया गांव के पास हादसे में बाइक सवार चार दोस्तों की मौत के दूसरे दिन शुक्रवार को भी मृतक परिवार व पास-पड़ोस के घरों में चूल्हे तक नहीं जले। इस दर्दनाक घटना को सुनकर हर कोई स्तब्ध है। दिल दहला देने वाली घटना से मृतक परिवार सदमे में है। परिजनों ने तीन किशोरों के शव को घर न लाकर पोस्टमार्टम हाउस से ही घाट पर ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया। परिवार के लोग अंतिम दर्शन भी नहीं कर सके। मृतक सुमेश के चाचा पवन पाल ने बताया की घटना इतनी दुःखद थी कि शव घर लाने का हिम्मत नहीं कर पाया इसलिए वहीं से अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इकलौते पुत्र के शव को देख मां बेसुध
पटेहरा / मिर्जापुर। सड़क हादसे में मृत चार साथियों में से तीन का मिर्जापुर में ही घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक की मां व बहन ने घर के इकलौते चिराग के अंतिम दर्शन की इच्छा जाहिर की। जिसके बाद परिजन मृतक गणेश के शव को घर लेकर पहुंचे। मां अपने कलेजे के टुकड़े का शव देखते ही बेसुध हो गयी। माहौल ऐसा था कि पूरा गांव सदमे में हो गया। मौजूद सभी की आंखें नम हो गयीं। हर कोई इस असहनीय पीड़ा में परिवार को ढांढस बंधा रहा था। परिजनों ने इस दुःख की घड़ी में भी हिम्मत दिखाते हुए मृतक की मां विद्द्या देवी को संभाला।