चुनार। खसरा बनाने के नाम पर दो हजार रुपये रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम द्वारा रंगे हाथ पकड़े जाने के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद एसडीएम चन्द्रभानु सिंह ने बुधवार को आरोपी लेखपाल को निलंबित कर दिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद चुनार पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
अदलहाट थाना क्षेत्र के केशवपुर माफी गांव निवासी रामलाल ने खसरा बनवाने के नाम पर लेखपाल पर दो हजार रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए एंटी करप्शन टीम से की। एंटी करप्शन की टीम ने शिकायतकर्ता को पहले से केमिकल लगे रुपये दे दिए। मौके पर पहुंची एंटी करप्शन की टीम लेखपाल को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ कर ले जाती, उसी बीच लेखपाल के साथियों ने एंटी करप्शन टीम पर हमला कर दिया और आरोपी लेखपाल को साथ भगा ले गये। इसके बाद एंटी करप्शन के निरीक्षक विनय सिंह ने लेखपाल सुजीत मौर्या पर भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही उसे भगाने के आरोपी राम निहाल मौर्या, लेखपाल अजय मिश्रा, अभय श्रीवास्तव, विजय सिंह, रमेश तिवारी, राजेश भारती पर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने समेत कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमा दर्ज होने के बाद एसडीएम चुनार चन्द्रभानु सिंह ने बुधवार को आरोपी लेखपाल को निलंबित कर दिया। चुनार पुलिस फरार चल रहे लेखपाल और बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी है। चुनार कोतवाल नरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी है।