नगर व ग्रामीण अंचलों में सजे पूजा पंडालों में विराजमान मां दुर्गा व अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं बृहस्पतिवार को निर्धारित बंधी व अन्य स्थानों पर निर्धारित तालाबों में विसर्जित की गईं। विसर्जन के लिए पूजा समितियों के लोग व श्रद्धालु ढोल, नगाड़े की थाप व डीजे के धुन पर नाचते - गाते व अबीर-गुलाल उड़ाते हुए चल रहे थे। कई स्थानों पर महिला श्रद्धालु देवी गीत गाते हुए माता की विदाई करती दिखीं।
कचहरी क्षेत्र के सिटी क्लब, पक्कापोखरा, कसेरवा इनारा, स्टेशन रोड, संगमोहाल, तेलियागंज, पैरियाटोला, तुलसी चौक, दूधनाथ चुंगी, लोहिया तालाब, इमामबाड़ा, नव दुर्गा समिति, पक्की सरैया में जै मां दुर्गा समिति, झांवागढ़ में बाल भारती दुुर्गा समिति की तरफ से पूजा पंडाल सजाकर मां दुर्गा व अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी पूजा पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। देहात कोतवाली के अघौली, हरिहरपुर बेदौली सहित अन्य क्षेत्रों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाएं बरकछा स्थित खजुरी बंधे में विसर्जित की गई। छानबे क्षेत्र में विजयपुर, चडेरुचौकठा, मां विंध्यवासिनी सेवा समिति विहसड़ाबाजार, भिटरिया, पियरीभीट, कोलाही, हरगढ़, जासाबघौरा, बरीदुबे, पाली, फुलवरिया, नगवासी, खैरा, मिश्रपुर, चेहरा, बरबटा, कुशहा, मुराजपुर, गोगांव, जोपा, नौगांव, बबुरा, गोडसर, रघईपुर, खम्हरियाकला, महोखर, सुमतिया, नरैना, भटेवरा, विरोही, दुबहा, बौंता, दुगरहा, विरौरा सहित 150 से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन क्षेत्रीय तालाबों व कर्णावती नदी में किया गया।
लालगंज क्षेत्र के पंडालों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाएं पतुलकी तालाब और घोरी बांध में विसर्जित की गईं। इस दौरान दिल्लू केसरवानी, बालाजी, पप्पू अग्रहरि, पंकज अग्रहरि, लाला गौड़ आदि मौजूद रहे। हलिया बाजार, भटवारी, सोनगढ़ा, पवारी खुर्द, राजपुर, देवरी बाजार, मनिगढ़ा, पिपरा, उमरिया, अदवा कॉलोनी, मतवार कुशियारा, हथेड़ा सहित 22 स्थानों पर स्थापित प्रतिमाएं पूर्व में निर्धारित स्थानों पर विसर्जित की गईं।
चुनार क्षेत्र में स्थापित पूजा पंडालों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन उस्मानपुर पोखरे में कड़े सुरक्षा व्यवस्था के बीच किया गया। कलवारी बाजार सहित दो स्थानों पर स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाएं बकहर नदी में विसर्जन की गईं। विसर्जन के लिए जाने के दौरान भक्त नाचते गाते व प्रसाद वितरित करते हुए चल रहे थे। नितेश पटेल, रोमित सेठ, अखिलेश सिंह, अजय सिंह, शेरू, ज्ञान चंद गुप्ता आदि मौजूद रहे।
अहरौरा क्षेत्र में स्थापित मां दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन नगर भ्रमण के बाद जलाशय में किया गया। इस दौरान घर की छतों तथा बरामदे में मौजूद लोग जगदंबा के दर्शन के लिए खड़े रहे। नरायनपुर के बैकुंठपुर में स्थापित चार प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार को किया गया। हालांकि पटेल त्रिमोहानी के पास स्थित सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की प्रतिमा का विसर्जन बृहस्पतिवार को किया गया। इस दौरान विभिन्न पूजा समितियों के गोविंद शंकर ओझा, प्रभात सिंह, राजेश गुप्ता, मनीष अग्रहरि, दिनेश चौरसिया, राकेश जायसवाल, प्रधान दीपक प्रजापति आदि मौजूद रहे।
उधर, मिर्जापुर दूर्गा पूजनोत्सव समिति सहित अधिकांश पूजा पंडालों में विराजमान मां दुर्गा की प्रतिमाएं पुलिस की मौजूदगी में गड़ई नदी में विसर्जित की गईं। पटेहरा, पटेहरा कला, दीपनगर व पटेहरा खास समेत अन्य गांवों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन सिरसी बांध में किया गया।
उधर, कानपुर हादसे के बाद भी बुधवार व बृहस्पतिवार को काफी संख्या में लोग मूर्ति विसर्जन के लिए ट्रैक्टरों पर सवार होकर पहुंचे। मड़िहान थाना क्षेत्र के चुनरी बांध में मूर्ति विसर्जन के लिए अलग-अलग पूजा पंडालों से काफी संख्या में लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों पर सवार होकर डीजे की धुन पर नाचते-गाते व अबीर उड़ाते पहुंच रहे थे। मौके पर पहुंचे तहसीलदार मड़िहान फूलचंद यादव ने यह देख मड़िहान पुलिस को मोबाइल फोन के जरिए जरूरी दिशा-निर्देश दिया।