मिर्जापुर। विंध्य काॅरिडोर के साथ ही मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने आने वालों की सुविधा के लिए मंदिर के पास ही एक नया घाट बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए 48 करोड़ रुपये स्वीकृत भी कर दिए गए हैं। घाट बन जाने से दर्शनार्थियों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी लाभ होगा।
विंध्याचल में वर्तमान में मुख्य रूप से चार घाट हैं। इनमें पक्का घाट, दीवान घाट, गुदारा घाट व अखाड़ा घाट शामिल हैं। इसके साथ ही दो अन्य घाट भी हैं, जहां अंतिम संस्कार भी किए जाते हैं। नया घाट बन जाने से दर्शनार्थियों को सीधा लाभ होगा। आमतौर पर दर्शनार्थी जब भी विंध्यवासिनी माता का दर्शन करने आते हैं तो गंगा स्नान करके ही दर्शन करते हैं। इस लिहाज से नया घाट बनने के बाद अन्य घाटों पर भीड़ कम हो जाएगी। इससे दुर्घटना की आशंका भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। इसके साथ ही मुंडन, यज्ञोपवीत व अन्य संस्कारों के लिए भी दर्शनार्थियों को सुविधा होगी। भीड़ बंट जाने से सभी कार्यों में सुविधा होगी। इसके साथ ही पिंडदान व अन्य कार्य भी सहूलियत से किए जा सकेंगे। घाट के साथ ही पाथवे, चेंजिंग रूम, छतरी, टॉयलेट ब्लॉक, काफर डैम का भी निर्माण कराया जाएगा। मूलभूत सुविधाओं के विस्तार से दर्शनार्थी को काफी राहत होगी। नए घाट के निर्माण को हरी झंडी मिलने को विंध्य दर्शन की सुविधाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। सिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह ने बताया कि अखाड़ा घाट से लेकर दीवान घाट तक एक नया घाट बनाने पर सैद्धांतिक सहमति तो हुई थी, इस समय क्या स्थिति है, इसकी जानकारी उनके पास नहीं है। वैसे घाट बनने से दर्शनार्थियों को काफी राहत मिलेगी।