जिले के 58 गेहूं क्रय केंद्रों पर मंगलवार को देर शाम तक खरीद की गई। जो भी किसान अपना गेहूं बेचने आया। सभी से खरीद की गई। जिले में प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार एक अप्रैल से 15 जून तक गेहूं की खरीद की गई। इस वर्ष जिले के लिए कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया था। नगर में जंगीरोड स्थित मंडी परिषद में खाद्य विभाग के दो केंद्र प्रथम और द्वितीय तथा मंडी समिति का एक क्रय केंद्र खोला गया है। मंगलवार को सुबह जब क्रय केंद्र खुला तो थोड़ी ही देर में किसान पहुंचने लगे। मौसम की गड़बड़ी की आशंका से सुबह दो-चार किसान ही पहुंचे। उसके बाद जब पानी नहीं बरसा तो और किसान भी पहुंचने लगे। केंद्र प्रभारी विशाल आनंद अंबेडकर ने सावधानी बरतते हुए बरसात बिछवाकर ही खरीद शुरू कराई ताकि यदि बूंदाबांदी हो तो गेहूं को तत्काल ढंका जा सके। मौसम फिलहाल दिन भर खुला रहा और खरीदारी हुई। केंद्र प्रभारी ने बताया कि अंतिम दिन लगभग दो दर्जन किसानों से छह सौ क्विंटल गेहूं की खरीद की गई। जिले में प्राय: हर केंद्रों पर खरीदारी की गई। जिला खाद्य विपणन अधिकारी धनंजय सिंह का स्पष्ट निर्देश था कि अंतिम दिन किसी भी केंद्र से कोई भी किसान लौटना नहीं चाहिए। कागजात यदि पूरे हैं तो उसकी खरीदारी तत्काल हो। नंबर के अनुसार ही खरीदारी होनी चाहिए।