जिगना। बिहसड़ा बाजार के पास मंगलवार की सुबह नौ बजे उस समय हंगामा शुरू हो गया, जब कुछ लोगों ने एक योगी को पकड़ कर पिटाई शुरू कर दी। उस पर आरोप था कि वह लापता युवक के नाम पर उसकी बहन के घर राखी बंधवाने पहुंचा था। पिटाई करने के बाद उसे जिगना पुलिस के हवाले कर दिया गया। जिगना पुलिस ने उसे मांडा पुलिस को सौंप दिया।
प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र के चकडीहा गांव निवासी शिवसागर विश्वकर्मा (22) वर्ष 2017 में घर से लापता हो गया था। परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिवसागर तीन भाइयों और छह बहनों में छोटा था। शिवसागर के भाई रामसागर ने बताया कि आठ माह पहले एक युवक उनका भाई शिवसागर बनकर उनकी मां, भाई की पत्नी सुनीता और चार बहनों के संपर्क में आ गया। उनका मोबाइल फोन नंबर लेकर उनसे बात करने के साथ ही मुलाकात भी करने लगा। उन्होंने बताया कि आरोपी रक्षाबंधन के दिन सोमवार को विंध्याचल थाना क्षेत्र के सर्रोई गांव में रहने वाली एक बहन के घर राखी बंधवाने पहुंच गया। बहन के घर वालों ने युवक को शिवसागर मानने से इंकार कर दिया। उसे ठग बताते हुए पकड़ लिया। सूचना चकडीहा गांव में रहने वाले परिजनों को दी। इसके बाद चकडीहा से लोग सरोई पहुंचे। इसके बाद कथित व्यक्ति को पकड़कर ले जाने लगे तो बिहसड़ा बाजार में विवाद हो गया। परिजनों ने अपने को शिवसागर साबित करने के लिए उससे नाम आदि लिखने को कहा तो उसने मना कर दिया। इस पर विवाद हो गया। फर्जी शिवसागर बनकर मिलने पर उसकी पिटाई की। बाद में उसे जिगना पुलिस को सौंप दिया। जिगना पुलिस ने उसे मांडा पुलिस को सौंप दिया। जिगना थानाध्यक्ष शैलेश कुमार ने बताया कि मामला मांडा क्षेत्र का था। आरोपी युवक को मांडा पुलिस को सौंप दिया गया।