मिर्जापुर। जिले के परिषदीय विद्यालयों को कायाकल्प योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। परिषदीय विद्यालयों की 19 बिंदुओं पर कायाकल्प करने की जिम्मेदारी पंचायती राज विभाग को सौंपी गई है, लेकिन कार्य न होने से विद्यालयों में विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है।
जिले में वर्तमान में 1806 परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। आपरेशन कायाकल्प से विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं से संबंधित कार्य किए जाने थे। इसमें विभागीय योजनाओं व कम्पोजिट ग्राण्ट के माध्यम से शौचालयों का टाइलीकरण, मल्टीपल हैंडवाश, रैंप, रेलिंग, विद्युत उपकरण व कनेक्शन का कार्य वरीयता के आधार पर किया जाना था। लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में विद्यालयों में इस प्रकार के कई कार्य लंबित हैं। इसमें विकास खंडों में स्थित 777 विद्यालय दिव्यांग शौचालय विहीन हैं। इसी प्रकार 426 विद्यालय चारदीवारी विहीन हैं। इसके साथ ही सभी विद्यालयों में मूत्रालयों का भी निर्माण कराया जाना है। इसके साथ ही जिले के 269 विद्यालय जर्जर भवनों के लिए चिह्नित किए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय का कहना है कि इन सभी कार्यों की सूची संबंधित विभाग को सौंपी गई है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नही की गई है।
पंचायती राज विभाग से संबंधित हैं अधिकतर कार्य
मिर्जापुर। निर्माण संबंधी अधिकतर कार्य पंचायती राज विभाग से संबंधित हैं। लेकिन विभाग का कहना है कि धनाभाव के चलते अभी काम नहीं हो पा रहा है। जर्जर भवनों के लिए कहा गया कि लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट के बाद ही इस पर कार्रवाई हो सकती है। इसके साथ ही अन्य कई बिंदुओं पर काम न होने से विद्यालयों की प्रगति रूकी हुई है।
इन सभी कार्यों के लिए समन्वय समिति की बैठक बुलाकर सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को कार्य अतिशीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया है। उनसे कहा गया है कि वे 15 अक्टूबर तक हर हाल में काम पूरा करें।
- श्रीलक्ष्मी वीएस, मुख्य विकास अधिकारी