कोविड का टीका खत्म होने के बाद टीकाकरण अब पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। जिले से लेकर ग्रामीण स्थानों पर जहां टीका लगता था। वहां अब ताला लटक रहा है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो टीकाकरण शासन से बंद कर दिया गया है। शासन के आदेश के बाद टीकाकरण शुरु होगा। जबकि अभी भी 65 प्रतिशत से अधिक लोगों को टीके का बुस्टर डोज नहीं लगा है।
जिले में लगभग 48 लाख टीका लगाया गया। इसमें प्रथम और द्वितीय डोज दोनों शामिल है। प्रथम डोज में 22 लाख 25 हजार 451, द्वितीय डोज में 20 लाख 86 हजार 110 और प्रिकाशन (बुस्टर) डोज के रुप में पांच लाख 48 हजार 393 लोगों को टीका लगाया गया। टीककरण 12 वर्ष से लकर 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को लगाया गया। हर उम्र का टीकाकरण लगभग 100 प्रतिशत के करीब रहा, पर प्रिकाशन डोज का प्रतिशत कम रहा। जिले में 16 लाख 24 हजार678 लोगों को प्रिकाशन डोज लगाने का लक्ष्य रखा गया। इसमें 548384 लोगों को ही टीका लग सका। जो की लक्ष्य का लगभग 35 प्रतिशत ही है। जिले में अभी भी 65 प्रतिशत लोगों को प्रिकाशन डोज का टीका नहीं लगा है। जिले में काफी समय से वैक्सीन खत्म चल रही है। पिछले माह जनवरी में 12 हजार टीका आया था। उसके खत्म होने के बाद कोविड टीकाकरण अभियान बंद हो गया है। मंडलीय अस्पताल समेत जिन स्थानों पर टीका लगता था, वहां अब ताला लटकता मिलता है। ऐसे में प्रिकाशन डोज लेने वालों को अब टीका खरीदना होगा। स्वास्थ्य विभाग की माने तो टीकाकरण को बंद कर दिया गया है। भविष्य में शासन का निर्देश आने पर ही टीकाकरण शुरु कराया जाएगा।
वर्जन
कोविड टीका खत्म होन के बाद टीकाकरण बंद कर दिया गया है। शासन से कोविड टीके के पोर्टल पर इंट्री भी बंद कर दी गई है। भविष्य में शासन का आदेश आएगा तो टीककरण शुरु होगा। -डा. अनिल ओझा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी