सीखड़। स्थानीय विकास खंड में मिसिरपुरा-मवैया मार्ग पर सड़क के किनारे और खेतों के ऊपर लटकते हाईटेंशन बिजली के तारों की वजह से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हालत यह है कि बांस-बल्लियों के सहारे तारों को ऊपर कर किसान खेतों में दहशत के बीच काम करते हैं। बिजली विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत के बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं हो रहा, जिससे ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है। सड़क के किनारे जमीन से मात्र कुछ ही फीट उपर लटकते ऐसे तार को ग्रामीणों ने बांस एवं बल्लियों के सहारे ऊपर किया है। भूलवश यदि कोई लघु शंका के लिए अंधेरी रात में सड़क के किनारे उतरता है तो तार की चपेट में आने से इनकार नहीं किया जा सकता। खेत के ऊपर लटकते ऐसे विद्युत तार के चलते किसान अपनी खेती-बारी तक नहीं कर पा रहे हैं। खेतों की जोताई-बोआई तक नहीं हो पा रही है। कुछ किसान बांस के सहारे तार ऊपर कर किसी तरह से बोआई कर लेते हैं पर जब रात में फसलों की भराई की जानी होती है तब किसानों में मन में भय छा जाता है। किसानों में भय सताता रहता है कि कहीं तार टूटकर जमीन पर न गिरा हो। टार्च के सहारे किसी तरह लोग अपना काम निकाल रहे हैं। इतना ही नहीं इसी मार्ग के सहारे भारी संख्या में लोग माया देवी का दर्शन व पूजन करने के लिए जाते हैं। मार्ग पर चार पहिया वाहन व ट्रैक्टर आदि गुजरते रहते हैं। क्षेत्र के रूपेश पांडेय, राजेश मिश्रा ज्योति, रूपेश सिंह, संतोष सिंह, डिंगुर सिंह, गोविंद सिंह आदि ने विभाग के अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए लटके जर्जर तार को बदले जाने की मांग की है।