अवैध तरीके से बनी डीजे कॉलोनी में भी तन गए मकान।
मिर्जापुर। जनपद की दो कॉलोनियों को छोड़कर सभी कालोनियां अवैध हैं। कॉलोनियों के निर्माण में मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं। फिर भी सबको धड़ल्ले से प्लाट बेच कर बिल्डर करोड़ों रुपये कमाने में कामयाब हो रहे हैं। मामले की जानकारी होने के बावजूद विंध्य विकास प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा इन अवैध कालोनियों के विरुद्घ कार्रवाई नहीं की जा रही है। कहने को अवैध कालोनियों की रोकथाम के लिए विंध्य विकास प्राधिकरण की स्थापना की गई है। विभाग द्वारा जगह-जगह बोर्ड लगा कर निर्देशित भी किया गया है कि कोई भी बिल्डर बिना मानक को पूरा किए कॉलोनी का निर्माण नहीं कराएगा। इसके अलावा विभाग से बगैर अनुमति लिए मकान का निर्माण भी नहीं करेगा। बावजूद इसके बिल्डर और प्लाट बनाने वाले जनपद में काफी कम कीमत पर जमीन को खरीद कर लोगों को लाखों रुपये में जमीन की प्लांटिंग कर बेच रहे हैं। बिल्डर नियमों को ताक पर रख कर वर्षों से कॉलोनियों का निर्माण करा रहे हैं, जिस पर रोक नहीं लगा पा रहा है। विंध्य विकास प्राधिकरण विभाग की मिलीभगत से धड़ल्ले से कॉलोनियों का निर्माण कराया जा रहा है। वर्तमान में 100 से अधिक कालोनियों का निर्माण हो गया है। इनमें से आवास विकास कालोनी एवं भरुहना में विभाग द्वारा 13 प्लाट की कालोनी भी शामिल है। भरुहना में स्थापित की गई कालोनी अभी पूरी तरह से नहीं बन पाई है। इन पर लोगों का कब्जा है, जिसे विभाग खाली नहीं करा पा रहा है। इन दोनों कॉलोनियों को छोड़ दें तो सभी कालोनियां अवैध हैं।