अदलहाट। बैंक घाटे में जाने के मामले में कोलना गांव के वादी को जिला न्यायालय उपभोक्ता विवाद परितोष आयोग के आदेश के बाद ब्याज समेत 480674 रुपये वापस कराया गया है। अभी कई और खाताधारकों के लाखों रुपये फंसे हुए हैं।
कोलना गांव निवासी वादी सुमित्रा देवी पत्नी सुशील कुमार सिंह एवं उनके पुत्र अंजनी कुमार सिंह ने कोलना किसान क्षेत्रीय साधन सहकारी समिति लिमिटेड में अपनी पूंजी जमा की थी। बैंक घाटे में चला गया। बैंक में कई किसानों तथा सरकारी कर्मचारियों ने अपनी गाढ़ी कमाई की राशि जमा की थी। उनका भुगतान नहीं होने पर 14 जुलाई 2015 को कानूनी नोटिस जारी किया गया। इसके बाद भी सहकारी समिति द्वारा भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद सुमित्रा देवी पत्नी सुशील कुमार सिंह एवं उनके पुत्र अंजनी कुमार सिंह ने जिला न्यायालय उपभोक्ता विवाद परितोष आयोग में वाद दाखिल किया। इसमें 28 जून 2022 को सुनवाई के बाद आयोग ने आदेश दिया कि वादी को कोलना किसान क्षेत्रीय साधन सहकारी समिति लिमिटेड 353437.25 रुपये तथा उस पर वाद दाखिल करने की तिथि से वास्तवित भुगतान तक नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से एक माह के अंदर भुगतान करे। आदेश के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। इस पर दोबारा शरण में जाने के बाद न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद परितोष आयोग ने 26 अक्तूबर 2023 को सहकारी समिति को ब्याज के साथ कुल 480674 रुपये देने का आदेश दिया। इस मामले में आरसी कटने के बाद समिति की तरफ से पिछले फरवरी माह में न्यायालय में चेक जमा किया गया था। 13 जून को वादी को चेक मिलने के बाद भुगतान हो गया। अभी भी गांव के दया बियार, सुदर्शन सिंह आदि के लाखों रुपये का भुगतान नहीं हो पाया है।