शेरवां। पहाड़ी क्षेत्र की तलहटी में फरवरी माह में ही भूगर्भ जल स्तर खिसक कर 35 फिट नीचे पहुंच गया है। प्रदेश सरकार द्वारा चेकडैमों व बंधियों के निर्माण के लिए धन अवमुक्त नहीं किया जा रहा है। वर्ष 2001-02 में प्रदेश के तत्कालीन सिचाई मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने वर्षा जल संचयन व भूगर्भ जल संरक्षण योजना के अंतर्गत गांवों में तालाब का निर्माण कराया था, लेकिन प्रदेश का निजाम बदलते ही योजना अधर में लटक गई है। जल संचयन व भूगर्भ जल संरक्षण योजना के अंतर्गत खोदे गए तालाब मरम्मत व देखरेख के अभाव में मिट्टी भर जाने से जल भंडारण की क्षमता खत्म होती जा रही है। वर्षा कम होने व लगातार हो रहे जलदोहन से भूगर्भ जल स्तर तेजी से निचे खिसक रहा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि जल संचयन योजना के लागू हो जाने से पेयजल संकट, पशुओं के पीने के पानी का संकट, सैकड़ों बीघे फसलों की सिंचाई का संकट दूर हो जाएगा। इलाके के रमेश सिंह, शरण शंकर चतुर्वेदी, पन्नालाल सिंह, ओमकार यादव, भृगुनाथ सिंह, संतोष सिंह, ऋषि सिंह, सुभाष चंद्र सिंह, श्रीकांत द्विवेदी, संतोष चौबे आदि ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से वर्षा जल संचयन व भूगर्भ जल संरक्षण के लिए धन अवमुक्त कराने की मांग की है।