मिर्जापुर। 22 सौ करोड़ रुपये से ज्यादा की जल जीवन मिशन योजना से अभी भी 350 से ज्यादा गांव जुड़ नहीं पाए हैं। इस योजना को शुरू हुए तीन साल से ज्यादा समय बीत चुका है। इन गांवों में कहीं पाइप लाइन में सीपेज तो कहीं कनेक्शन के अभाव में हर घर नल से जल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। कई गांवों में तो अभी काम ही शुरू नहीं हुआ। वहीं, जल निगम का दावा है कि 1487 गांवों में पानी पहुंचने लगा है। 22 नवंबर 2020 में हर घर नल योजना का काम शुरू हुआ था। जिले के 743 ग्राम सभाओं के मजरों समेत 1839 गांवों में हर घर नल से जल देने के लिए दो साल में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। जमीन के चिह्नांकन, मृदा परीक्षण सहित अन्य प्रक्रिया में देरी के चलते योजना की मियाद बढ़ती गई। तीन साल बीतने के बाद काम अधूरा है। मड़िहान, मिर्जापुर-सोनभद्र सीमा के गढ़वा गांव के हरदी कला मजरे के लोगों को पानी के कनेक्शन का इंतजार है। मजरे में लगभग दो सौ घर हैं। ग्रामीणों को नदी, नालों के पानी से प्यास बुझानी पड़ती है। कलवारी, मड़िहान रोड पर जगह-जगह कनेक्शन पाइप लाइन ध्वस्त हो कई है तो धुरकर में कई स्थानों पर कनेक्शन ही नहीं हुआ है। इसी तरह जिगना, छानबे क्षेत्र के किसी गांव में अभी तक कनेक्शन नहीं किया गया है। जमीन के नीचे बिछाई गई पाइप लाइन में लीकेज है। हरगढ़, भौरुपुर अजगना, गोगांव, चेहरा, बघेडाखुर्द, आदमपुर, रैपुरी में भी यही हालत है। कछवां के 40 गांवों के घरों में कनेक्शन नहीं दिए गए। कुछ गांवों में अभी तक पानी की टंकी का भी निर्माण नहीं हो पाया है। हलिया ब्लॉक के कई गांवों कनेक्शन नहीं दिया गया है। कुछ जगहों पर टोटी तो लगा लगा दी गई है लेकिन पानी नहीं पहुंच रहा है। वेलाही, नदना, परसिया, पटपरा, सोनगढ़ा, पवरी खुर्द, बढ़वार, पवारी खुर्द आदि गांवों में भी लोगों को पानी नसीब नहीं हो पा रहा है।