चुनार। राजस्व संबंधित मामलों के निस्तारण में बरती जा रही अनियमितता के विरोध में समस्त राजस्व न्यायालयों का अधिवक्ताओं द्वारा विगत तीन माह से अनवरत कार्य का बहिष्कार किए जाने से मामलों का निपटारा समय से नही हो पा रहा है। जिससे शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है। शासन की मंशा है कि वादकारियो एवं फरियादियों के मुकदमों एवं समस्याओं का निस्तारण समय से हो जिससे लोग अनावश्यक रूप से परेशान न हों और उन्हें समय से न्याय मिल सके। चुनार तहसील में बीते तीन माह से न्यायालय संबधित कार्य बाधित है। दाखिल खारिज का मुकदमा जिसका निस्तारण 35 से 45 दिनों में होना चाहिए वह लंबे समय तक नहीं हो पा रहा है। पैमाइस के लिए सरहदी काश्तकारों को नोटिस प्राप्त कराए जाने की पूरी प्रकिया होने के बाद भी उसका सीमांकन किए जाने में काफी समय लगाया जा रहा है। इसी तरह वरासत फाट बटवारा, आदि तहसील एवं राजस्व के कार्यो में व्याप्त अनियमितता को लेकर अधिवक्ताओं द्वारा कार्य का बहिष्कार कर विरोध जताया जा रहा है। समाधान के लिए तहसील प्रशासन अब तक चुप्पी साधे हुए है। जिसको लेकर अधिवक्ताओं के साथ वादकारियों, फरियादियों में भी तहसील प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है। उक्त मामले में अधिवक्ता समिति के महामंत्री राजकुमार सिंह ने बताया कि पूर्वाधिकारी के समय से ही मामले के निस्तारण तक अधिवक्ताओं ने समस्त राजस्व न्यायालयों में कार्य का बहिष्कार किया है। शुक्रवार को एक प्रतिनिधि मंडल नवागत उपजिलाधिकारी से मुलाकात कर उनके सामने अपनी बात रखेगा। यदि बात न बनी तो फिर अगली रणनीत तय की जाएगी।