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जनपद के आधा दर्जन गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

Varanasi Bureau Updated Thu, 13 Sep 2018 01:08 AM IST
मिर्जापुर। जनपद के पांच ब्लाकों के आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। बबुरा गांव में पानी घुसने से बबुरा अकोढ़ी पुल पानी में डूब गया है। ग्रामीण घुटने तक पानी होने के बावजूद उसी पुल से आने जाने को विवश है। वर्तमान समय में खतरे के निशान 77.724 मीटर से मात्र दो मीटर 75.520 गंगा बह रही है। तेजी से बढ़ रहे जलस्तर के चलते तटवर्ती इलाके में रहने वाले ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। गांवों में पानी घुसने से ग्रामीण अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने को मजबूर हाने लगे है। प्रशासन भी पानी घुसने वाले गांवों में भ्रमण कर जायजा लेने लगा है। लेखपालों से लगातार बाढ़ प्रभावित गांवों पर नजर बनाए रखने को कहा गया है।
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पिछले एक सप्ताह से गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। बुधवार की दोपहर डेढ़ बजे 75.520 गंगा का जलस्तर दर्ज किया गया। चार सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रही गंगा के चलते सुबह करीब आठ बजे छानबे ब्लाक के बबुरा, विरोही, अकोढ़ी, आदि गांवों में पानी घुस गया। ग्रामीणों के खेत खलिहान डूब गए। अकोढ़ी बबुरा पुल पानी में डूब गया है। यहां तक की द्वार पर पानी पहुंच गया। इससे पशुओं को बांधना भी मुश्किल हो गया। उनके लिए चारा नहीं मिलने पर ग्रामीण जंगलों से चारा इकट्ठा कर किसी तरह ले आए। लगातार बढ़ रहे पानी को देखते हुए कुछ पशु पालक अपने पशुओं को दोपहर तक सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिए। इसी प्रकार कोन ब्लाक के हरसिंगपुर, मल्लेपुर, धौरहरा गांव में पानी पहुंचने पर ग्रामीण परेशान हो गए। गंगा के सबसे नीचले इलाके में बसे इन गांवों के लोग पिछले एक महीने के अंदर दो बार गांव में पानी घुसने से परेेशान हो चुके है। कोन ब्लाक के बल्ली परवा, चील्ह और दलापटटी में पानी घुसने की जानकारी मिली है। इसी प्रकार सिटी ब्लाक के कंतित समेत अन्य इलाके में पानी घुस गया है। पहाड़ी ब्लाक के नान्हूपुर गांव में पानी पहुंचने की बात बताई जा रही है। मझवां ब्लाक के बरैनी, केवटावीर, बजटा आदि गांवों में पानी घुस गया है। सीखड़ ब्लाक हेमापुर, भुआलपुर, विशुनपुरा, मेड़िया के करीब पानी पहुंच गया है।

कछवां। बाढ़ के पानी ने बुधवार को आठ गांवों को घेर लिया। जिससे इन गांवों में अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया। विकास खंड मझवां के बरैनी गांव में भटौली घाट जाने वाले सड़क पर पानी बह रहा है। इससे ग्रामीणों की समस्या बढ़ती दिख रही है। बरैनी, केवटाबीर, बजहा गांव में सैकड़ों एकड़ फसल गंगा में समा चुके हैं तो वहीं सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी है। उफनाई गंगा तटवर्ती क्षेत्र के बरैनी,बजहा,गडौली,केवटाबीर, गेगराव,भीटी आदि गांवों को अपने आगोश में ले चुकी हैं। बरैनी, बजहा, केवटाबीर गांव के सैकड़ों एकड़ फसल बाजरा, अरहर आदि की फसल जलमग्न हो गई। किसानों का कहना है कि तीन दिनों से खेत में पानी लगे होने से फसल खराब हो रही है। अभी पहले की बर्बाद फसल का मुआवजा मिला भी नहीं कि यह भी हाथ से निकल जाएगा।


चुनार। गंगा के निरंतर बढ़ते जलस्तर को लेकर जहां एक ओर गंगा किनारे बसे गांव के लोगों की चिंताये बढने लगी है वहीं ग्रामीण अपने रहायशी के लिए अभी से सुरक्षित स्थान की तलाश करने लगे हैं। दूसरी ओर नगर में गंगा किनारे बसे दुकानदार बाढ़ के पानी को पक्का पुल बालूघाट छोर के सड़क पर फैलने की संभावना को लेकर अपने जीविकोपार्जन की समस्या के बारे सोचने को मजबूर हो गए हैं। पक्का पुल से आवागमन शुरू होने के बाद नगर के तमाम लोगों ने गंगा किनारे खान पान व अन्य सामानों की दुकानों को लगाकर दुकान से होने वाली आमदनी से परिवार का जीविकोपार्जन चला रहे हैं। गंगा का जलस्तर यदि इसी तरह बढोत्तरी पर रहा तो जल्द ही पुल से आवागमन बंद हो जायेगा। बारिश के चार महीनें और उस दौरान आने वाली बाढ़ की संभावना को देखते हुए क्षेत्रीय लोगों की काफी दिनों से गंगा पर एक पुल बनाये जाने की मांग थी और वह दिन भी आया जब गंगा पर पक्का पुल बन गया और पुल से लोगों का आवागमन भी शुरू हुआ लेकिन पक्का पुल बनने के बाद भी लोग बाढ़ के दौरान संपर्क मार्ग पर बाढ़ का पानी आ जाने पर पुल से आवागमन नही कर सकेगें क्योंकि गंगा के बढते जलस्तर का पानी सबसे पहले पुल के उत्तरी छोर रामघाट व दक्षिणी छोर बालूघाट के उस मार्ग पर फैलता है जो पक्का पुल तक पहुंचने का मुख्य मार्ग है। यह दोनों इलाके गंगा के ठीक किनारे स्थित है इस मार्ग पर गंगा का पानी आते ही पुल तक पहुंचने वाला मार्ग अवरुद्ध हो जायेगा जिससे लोगों का पुल के रास्ते से आना जाना पूरी तरह से बंद हो जायेगा हालांकि बुधवार को गंगा के बढने की गति कुछ धीमी हुई है फिर भी गंगा के बढते जलस्तर स्तर में अब तक हो रहे उतार चढाव से लोगों की चिंताये बढी हुई है।

गंगा का जलस्तर बढ़ने की सूचना मिल रही है। बाढ़ प्रभावित गांवों में सर्तकता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों को तैनात रहने को कहा गया है। जिन गांवों में पानी घुसा है वहां पशुओं के लिए चारा व ग्रामीणों के लिए दवाई उपलब्ध कराने को गया है।
राजितराम प्रजापति
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व

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