आवास विकास कालोनी में पानी टंकी के पास आयोजित हो रहे संगीतमय श्रीराम कथा के तीसरे दिन स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने श्री रामचरित मानस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह समाज का दर्पण एवं मार्गदर्शक है। मानस सामाजिक उत्थान एवं समाज का परिवर्तन करता है। उन्होंने कहा कि भगवान शंकर विश्वास स्वरूर हैं। श्रद्धा और एवं विश्वास जब एक हो जाते हैं तो ही योगियों एवं साधकों को सिद्धी प्राप्त होती है। कहा कि प्रयाग में याज्ञवल्क्य ऋषि भारद्वाज को, कैलाश पर्वत पर भगवान शिव मां पार्वती को, अमराई में कागभुसुंडी गरुण जी को और गोस्वामी तुलसीदास अपने सुख के लिए अपने मन को कथा का पान करा रहे हैं। इस अवसर पर पवन तिवारी, पियूष, सर्वेश, श्यामनारायण तिवारी, नरेश, विमला शर्मा, अंशुमालि मिश्र, विष्णु यादव, प्रमीत, अनूप, मायाशंकर दुबे, रामजीत दुबे, तिलकधारी सिंह, सुरेश यादव आदि मौजूद रहे।