मिर्जापुर। अपर जनपद न्यायाधीश पीएन श्रीवास्तव ने बोल्डर पटककर अपने जीजा की हत्या करने वाले साले की जमानत अर्जी को बुधवार को खारिज कर दिया। न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी की जमानत का पर्याप्त आधार नहीं बन रहा है, इसलिए उसकी जमानत अर्जी को निरस्त किया जाता है। अभियोजन अनुसार अहरौरा थाना क्षेत्र के महमूदपुर गांव निवासी एवं वादी मुकदमा राधेश्याम शर्मा के पुत्र सुुुभाष शर्मा की शादी 10 वर्ष पूर्व अहरौरा के बेलखरा गांव निवासी श्यामलाल शर्मा की पुत्री सरोज के साथ हुई थी। उसकी पुत्रवधू सरोज अपने मायके गई थी। 16 मार्च 2018 को सुभाष शर्मा अपनी पत्नी की विदाई कराने के लिए अपने ससुराल बेलखरा गया था और लौट कर नहीं आया। उसकी लाश दो दिन बाद 18 मार्च को चुनार चौराहे के पास स्थित एक खेत में मिली थी। उसके शरीर पर मौत के पूर्व गंभीर चोट आना पाया गया था। तहरीर पर अहरौरा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मृतक के साले आरोपी संतोष कुमार शर्मा पुत्र राजबली निवासी बेलखरा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिला जेल में निरुद्ध आरोपी अपने अधिवक्ता के माध्यम से जनपद न्यायाधीश के न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर जमानत की याचना की थी। जिसका विरोध जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आशुतोष अग्रवाल ने किया । कहा कि इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी गवाह हैं। अभियुक्त की संलिप्तता पाई गई है। न्यायालय ने अधिवक्ताओं की दलील, पत्रावाली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्त संतोष शर्मा की जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया।