फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mirzapur News: गलत रिपोर्ट देने पर उप निरीक्षक पर लगाया 17 हजार जुर्माना

विज्ञापन
विज्ञापन
मिर्जापुर। एमवी एक्ट में गाड़ी पकड़े जाने और मामला निस्तारित होने के बाद भी उसके स्वामी को वाहन सुपुर्द न कर न्यायालय में गलत रिपोर्ट देने के मामले में दोषी पाते हुए विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट वायु नंदन मिश्र ने उप निरीक्षक सुनील कुमार श्रीवास्तव को 17 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इसाथ ही पुलिस अधीक्षक को क्षतिपूर्ति की धनराशि पीड़ित को उपलब्ध कराने और मुख्य कोषाधिकारी को उप निरीक्षक के वेतन से धनराशि आहरित नहीं करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन

देहात कोतवाली पुलिस ने 14 अप्रैल 2020 को राजू सोनकर निवासी बरौधा कचार कोतवाली कटरा को गांजा के साथ पकड़ा था। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस के मुताबिक जो बाइक बरामद हुई थी, वह बिना नंबर प्लेट की थी। बाइक की टंकी पर झोले में गांजा रखा था। अभिलेख नहीं मिलने पर एमवी एक्ट में बाइक सीज कर दी गई। गाड़ी विजय कुमार मिश्रा की थी। वाहन स्वामी ने 22 सितंबर 2021 को जुर्माना अदा कर एमवी एक्ट का मामला निस्तारित कराया। आरोप है कि पुलिस ने कागजात पर हस्ताक्षर कराया परंतु बाइक नहीं दी। वाहन स्वामी ने न्यायालय में वाद दाखिल किया कि जुर्माना अदा करने के बाद भी वाहन नहीं दिया गया है। इस मामले में न्यायालय की तरफ से आख्या मांगी गई तो रिपोर्ट आया कि वाहन स्वामी विजय को बाइक सुपुर्द कर दी गई है। वाहन स्वामी ने न्यायालय में बताया कि उसे बाइक नहीं मिली है। इसके बाद फिर थाने से आख्या मांगी गई। तब रिपोर्ट आई कि बाइक एनडीपीएस एक्ट व एमवी एक्ट में थाने में खड़ी कराई गई थी, परंतु गाड़ी एमवी एक्ट में अवमुक्त हुई है। यह रिपोर्ट उस समय देहात कोतवाली में हेड मोहर्रिर और वर्तमान में संतनगर थाने में उप निरीक्षक सुनील श्रीवास्तव ने दी। एक ही मामले में दो रिपोर्ट आने पर न्यायालय ने देहात कोतवाल को तलब किया। इस मामले में विशेष न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट वायु नंदन मिश्र ने उप निरीक्षक सुनील कुमार श्रीवास्तव को दोषी ठहराया। न्यायालय को गुमराह करने और असहयोग करने पर 17 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। पुलिस अधीक्षक को छह मार्च 2024 तक उप निरीक्षक के वेतन से 17 हजार रुपये कटौती कर पीड़ित को उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा। डीजीपी व प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर दायित्व का निर्वहन न करने वाले पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई कर एक माह में अवगत कराने के लिए भी पत्र लिखा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें