मिर्जापुर। लोकतंत्र की विशेषता है कि विकास की सोच के साथ चुनाव में उतरने वाले निरक्षर को भी जनता सिर आंखों पर बैठा कर उनको जनप्रतिनिधि बना देती है। निकाय चुनाव में जिले के चार नगरीय निकायों के 100 वार्डों में से 14 में ऐसे सभासद विजयी हुए हैं जो निरक्षर हैं। इनमें आठ निर्दलीय, तीन भाजपा, एक बसपा व दो सपा से हैं।
लोकतंत्र में किसी भी चुनाव अशिक्षित भी भागीदारी कर सकता है। जिले के तीन नगर पालिका और एक नगर पंचायत में मिलाकर कुल 100 वार्ड हैं। इसमें सबसे अधिक 38 वार्ड नगरपालिका मिर्जापुर में हैं। यहां चार निरक्षर सभासद विजयी हुए हैं। इसमें वार्ड नौ महंथ शिवाला से रतन कुमार बिंद (निर्दलीय), वार्ड 16 गोसांई तालाब से शर्मिला (निर्दलीय), वार्ड 17 पुरानी दशमी से हुकुमचंद (भाजपा), वार्ड 28 कंतित से ज्ञानदेवी (निर्दलीय) विजयी हुई हैं। अहरौरा नगरपालिका परिषद के 25 वार्डों में चार निरक्षर सभासद जीते हैं। जो निर्दलीय हैं। इसमें वार्ड पांच मिश्र पोखरा से सुनीता, वार्ड 11 बुढ़ादेई पूर्वी से नगीना देवी, वार्ड 13 पट्टी खुर्द से गुलशन बीबी, वार्ड 15 गोला कन्हैया लाल से संजय जायसवाल शामिल हैं।
कछवां नगर पंचायत के 12 वार्डों में से तीन में निरक्षर सभासद जीते हैं। इसमें वार्ड दो पीरखां से प्यारी (बसपा), वार्ड तीन पांडेयपुर से मुन्नी (सपा), वार्ड चार तेग बहादुर से राजेश (निर्दल) हैं। चुनार नगर पालिका के 25 वार्डों में से तीन में निरक्षर सभासद जीते हैं। इसमें वार्ड छह उस्मानपुर से आरती कुमारी (भाजपा), वार्ड 16 दरगाह शरीफ उत्तरी से नसरीन बेग (सपा), वार्ड 20 बरहरामगंज पूर्वी विट्टो देवी (भाजपा) शामिल हैं।