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मरीजों को नहीं लिखी जा रही है जेनरिक दवाए

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मिर्जापुर। मरीजों को सस्ते दर पर दवाइयां उपलब्ध कराने की उम्मीदों पर चिकित्सक पानी फेर रहे हैं। इससे न तो सरकार द्वारा चलाई गई योजना सफल हो पा रही है न ही मरीजों को सस्ती दवाइयां मिल पा रही हैं। ऐसी हालत मेंकेंद्र सरकार की योजना के तहत ओर से खोले गए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र निरर्थक साबित हो रहे हैं और मरीज आज भी महंगे दामों में मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने के लिए मजबूर हैं। बता दें कि केंद्र सरकार ने दवाइयों पर होने वाले लाखों रुपये खर्च को कम करने के लिए सस्ते दर पर जेनिरिक दवाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया था। इसके तहत जन औषधि केंद्र खोले गए हैं ताकि मरीजों को बाजार से काफी कम कीमत पर दवाएं मिल सकें। शासन के निर्देश पर प्रत्येक जिले में जिला चिकित्सालय के सामने एक एक जनपद औषधि केंद्र खोल दिया गया। मिर्जापुर जनपद के मंडलीय चिकित्सालय पर प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र खोला गया है लेकिन चिकित्सकों की मनमानी के चलते योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। साथ ही मरीजों को महंगे दामों में दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र के मालिक नीरज त्रिपाठी ने मंडलीय अस्पताल के चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि चिकित्सक मरीजों को जेनरिक दवाएं नहीं लिख रहे हैं। कमीशन के चक्कर में निजी मेडिकल स्टोर में मिलने वाली अधिकांश दवाएं लिखी जा रही हैं। अगर वह मरीजों के हित में काम करें, तो उनका भला होगा ही सरकार की योजना भी सफल होगी। यही नहीं, चिकित्सक मरीजों को भड़काते हैं। उनका कहना है कि चिकित्सक जन औषधि केंद्र में खराब दवाएं मिलने की बात मरीजों को बताते हैं। यही वजह है कि 15 जुलाई 2018 से अबतक जिला चिकित्सालय के सामने खुले प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र से मात्र छह हजार मरीजों ने जेनरिक दवाए खरीदी है जबकि चिकित्सालय में प्रतिदिन 15 सौ से दो हजार मरीज इलाज कराने आते है। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र से जेनरिक दवाएं खरीदना काफी फायदेमंद है। इससे एक तो मरीजों का पैसा बचता है दूसरा उन्हें कंपनी की अच्छी दवाए मिल जाती है। बीपी, सुगर समेत अन्य गंभीर बीमारी की जो दवाए बाजार में सौ रुपये में मिलती है वे दवाए जन औषधि केंद्र से मात्र पांच से दस रुपये में मिलती है। इन दवाओं पर 90 से 95 प्रतिशत की छूट है। इसी प्रकार अन्य दवाए भी बाजार में अगर एक हजार रुपये ही मिलती है तो इस मेडिकल के सापेक्ष यहां पर मात्र दो सौ रुपये में वह दवा मिल जाएगी। गंभीर बीमारी की दवाओं को छोड़कर अन्य दवाओं पर 80 प्रतिशत की छूट है।
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