मिर्जापुर। विजय शंकर लक्ष्मी पब्लिक स्कूल गड़गेड़ी चील्ह में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिंह निर्देशन में जेंडर जस्टिस घरेलू हिंसा अधिनियम व किशोर न्याय कानून विषय पर शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सलोनी रस्तोगी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। सचिव सलोनी रस्तोगी ने बताया कि सुधारात्मक सिद्घांत को दृष्टिगत रखते हुए किशोर न्याय कानून बनाया गया है। इसके अंतर्गत एक किशोर न्याय बोर्ड का गठन किया गया है। बच्चों को जेल नहीं भेजा जाता है। बल्कि सुधार गृह में रखे जाते हैं। घरेलू हिंसा अधिनियम के अंतर्गत महिलाओं के साथ घर में हो रही हिंसा से संरक्षण हेतु चिकित्सा सुविधा अभिरक्षा आदेश निवास की सुविधा प्रतिकर दिया जाता है। न दिए जाने पर एक वर्ष की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। जेंडर जस्टिस के संबंध में बताया गया कि संविधान व अनेकों कानून समानता के लिए बनाए गए हैं लेकिन असमानता को समाप्त करने के लिए सोच में परिवर्तन करना होगा। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर दिया। किशोर बच्चों को अपराध में लिफ्त ना होने की विशेष जानकारी दी। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य शैलेंद्र यादव, रविंद्र यादव, सुरेश त्रिपाठी, सुरेंद्र दूबे, मनीष सिंह, सचॅऊ राम यादव रचना गुप्ता, आदि ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में नंदलाल,सुरेंद्र सिंह, रामललित यादव, रमेश सिंह, इंद्रमणि प्रजापति, संजीव यादव, वीरेंद्र यादव, रामकरन, नरेंद्र यादव, अर्चना यादव, मनीषा यादव, वंदना, इंद्रदेव यादव, आदि मौजूद रहे।