नरायनपुर। भारतीय किसान यूनियन की पंचायत राष्ट्रीय राज मार्ग संख्या सात के किनारे प्रतापपुर गांव में बुधवार को आयोजित किया गया। इस पंचायत में हनुमना से टेगंरा तक फोरलेन मार्ग के चौड़ीकरण में भूमि अधिग्रहण के तहत मनमाने मुआवजा को लेकर रोष व्यक्त किया गया। वक्ताओ ने कहा कि सड़क किनारे के जमीनों का जो नोटिस दिया गया है, वह कृषि दर से मूल्यांकन करके सवा लाख से दो लाख प्रति विश्वा के हिसाब से मुआवजा बनाया गया है जो किसानो के साथ धोखा है। किसान यूनियन के पंचायत में कहा गया कि सड़क किनारे दोनों तरफ की जमीनों का बाजार मूल्य 15 से बीस लाख रुपये प्रति विस्वा है, जबकि बाईपास मार्ग का बाजार भाव 10 से 15 लाख रुपये है। इस मौके पर किसान नेताओ नें मांग किया कि मार्ग हो या बाईपास की जमीनों का मुआवजा, सर्किल रेट से चार गुना अधिक दिया जाए तथा उनके पुनर्स्थापना और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिया जाए। किसानों के नोटिस एनएच एक्ट 1965 के अनुसार ही मुआवजा बनाया गया है, जबकी भूमि संशोधन अधिग्रहण एवं पुनर्वास अधिनियम 2013 के आने के उपरांत नए अधिनियम के अनुसार जनहित में दिया जाना अति आवश्यक है। किसान पंचायत में किसानों ने एनएच संख्या सात किसान संघर्ष समिति की गठन किया गया, जिसके तहत आर-पार की लड़ाई लड़े जाने का आहवान किया गया। जिसमें अध्यक्ष पद पर सुरेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह व शमशेर बहादुर सिंह, महासचिव अशोक सिंह, कोषाध्यक्ष राजकुमार सिंह, प्रचार मंत्री नागेंद्र सिंह व रामअनुज पांडेय का चयन किया गया। किसान पंचायत की अध्यक्षता शमशेर बहादुर ने तथा संचालन वीरेंद्र सिंह ने किया। इस मौके पर प्रहलाद सिंह पटेल, अनिल सिंह, वीरेंद्र सिह, कंचन सिह फौजी, परशुराम मौर्य, रामनिहोर सिंह, अरूणेश सिंह, शीतला प्रसाद सहित बड़ी संख्या में किसान और किसान नेता उपस्थित रहे।