मिर्जापुर। हलिया थाने में सात वर्ष पहले दर्ज दुष्कर्म के मुकदमे की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को 10 वर्ष कारावास और 20 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। हलिया थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने 16 सितंबर 2016 को थाने में तहरीर देकर अपनी नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर विवेचना के बाद पत्रावली अदालत में पेश की। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने हलिया पुलिस को प्रभावी पैरवी का निर्देश दिया था। अभियोजन अधिकारी सुनीता गुप्ता, विवेचक निरीक्षक किरन कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी की अदालत ने दोनों पक्ष की दलील, गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर आरोपी ददोली आदिवासी उर्फ दाढ़ी को 10 वर्ष कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।