मिर्जापुर। देहात कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में हुए दुष्कर्म मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी ने दोष सिद्ध होने पर आरोपी को 10 वर्ष का कारावास और 28 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को दो वर्ष छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। देहात कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 18 नवंबर 2013 को तहरीर देकर बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ छठ पूजा पर ससुुराल गया था। घर पर पुत्री और बच्चे थे। उनकी 16 वर्षीय बड़ी पुत्री कक्षा आठ में पढ़ती है। विपक्षी उसे रात में बहला कर ले गया। घर आने पर छोटी पुत्री ने बताया कि बहन को रामबाबू ले गया है। थाने में तहरीर देकर पुत्री को खोजने की गुहार लगाई।
पुलिस ने पुत्री को बरामद कर मेडिकल कराया। आरोपी रामबाबू के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक सनातन कुमार ने गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराकर साक्ष्य प्रस्तुत किया। विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी ने गवाहों के बयान और अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर आरोपी रामबाबू चौहान को अलग-अलग धाराओं में दोषी पाया। इसमें आरोपी को 10 वर्ष का कारावास और 28 हजार के अर्थदंड से दंडित किया।