मिर्जापुर। विंध्याचल थाना क्षेत्र के एक गांव में रात के समय घर में घुस कर दिव्यांग महिला से दुष्कर्म करने के मामले मेें दोष सिद्ध पाया गया। इस पर अपर जिला व सत्र न्यायाधीश त्वरित प्रथम वायु नंदन मिश्र ने 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार के अर्थदंड से दंडित किया।
विंध्याचल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दिव्यांग युवक ने 24 जनवरी 2017 को तहरीर देकर बताया कि उसके साथ उसकी पत्नी भी दिव्यांग है। रात को वह घर पर नहीं था तो गांव निवासी राजा बाबू घर में घुसकर उसकी पत्नी के साथ दुष्कर्म किया। बताया कि रात को 11 बजे वह घर पर आया तो राजाबाबू उसके घर से निकल कर भाग रहा था। वह घर के अंदर जाकर अपनी दिव्यांग पत्नी से पूछा तो उसने रोते हुए बताया कि राजाबाबू ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। उसके शोर मचाने पर ग्रामीणों ने राजाबाबू को पकड़ लिया। उसी बीच जरूरी कार्य का बहाना बनाकर वह भाग गया। पुलिस ने आरोपी राजाबाबू पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया।
मामले की विवेचना करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। एडीजीसी फौजदारी सच्चिदानंद तिवारी ने सात गवाह परीक्षित कराया। साथ ही साक्ष्य प्रस्तुत कर जघन्य कार्य करने वाले आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की अपील अदालत से किया। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर अपर जिला व सत्र न्यायाधीश त्वरित प्रथम वायु नंदन मिश्र ने आरोपी राजाबाबू को दोषी पाते हुए 10 वर्ष की कठोर कारावास और 20 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न जमा करने पर छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।