वर्ष 2021 में चला था अभियान
जून 2021 में जिला प्रशासन की ओर से किला परीक्षितगढ़ रोड पर स्थित गांवड़ी गांव से नदी की सफाई को लेकर अभियान चलाया गया था। नदी के दोनों ओर सफाई कर यहां पौधे लगाए गए थे। फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी कार्यक्रम में पहुंचे थे, लेकिन इस साल प्रशासन भी इस अभियान को भूल चुका है। गांवड़ी गांव में जहां पौधे लगाए थे वहां से ही नदी लुप्त हो चुकी है।
लोकसभा और विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा
लोकसभा में सांसद राजेंद्र अग्रवाल की ओर से भी यह मुद्दा उठाया जा चुका है। उनके द्वारा एसटीपी प्लांट लगाए जाने के विषय को उठाया गया था जो अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। उधर सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान की ओर से काली नदी के मुद्दे को अभी हाल ही में विधानसभा में भी उठाया गया था। उन्होंने इस नदी के कारण होने वाले प्रदूषण और इसके कारण कई गांवों में फैली बीमारी के बारे में विस्तार से पूरी जानकारी विधानसभा में रखी थी। बावजूद इसके नदी के हालातों में सुधार के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
800 क्यूसेक पानी की कर रहे व्यवस्था
हमने तीन चैक डेम का प्रस्ताव सिंचाई विभाग को भेजा था। एक चेक डैम 40-45 लाख रुपये की लागत से तैयार होता है। हमारी कोशिश है कि मुजफ्फरनगर के कैनाल से 800 क्यूसेक पानी आ जाए तो काली नदी लबालब हो जाएगी। जब तक पानी नहीं चलेगा तो दिक्कत रहेगी। इसके लिए हम सरधना के नंगली गांव में चिह्नीकरण भी कर रहे हैं। - शशांक चौधरी, मुख्य विकास अधिकारी, मेरठ