मेरठ। आरजी पीजी कॉलेज में सोमवार को इतिहास विभाग द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्राचार्य प्रो. निवेदिता कुमारी के निर्देशन में हुई कार्यशाला का उद्देश्य डिजिटल अभिलेखों व ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण, डिजिटलीकरण, उपयोग एवं साझाकरण से जुड़े कानूनी, नैतिक एवं शैक्षणिक मुद्दों पर जागरूकता पैदा करना रहा। मुख्य वक्ता के रूप में गाजियाबाद के एमएमएच कॉलेज के प्रो. संजय सिंह ने ऐतिहासिक दस्तावेजों में कॉपीराइट चुनौतियों, डिजिटलीकरण की कानूनी प्रक्रिया आदि के बारे में बताया। कार्यशाला में सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण, पारंपरिक ज्ञान की सुरक्षा तथा डिजिटल संरक्षण तकनीकों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में इतिहास विभाग के शिक्षक, शोधार्थी व छात्राओं की उपस्थिति रही। आयोजन में प्रो. अपर्णा वत्स, डॉ. अंजली गुप्ता, प्रो. पूनम और डॉ. पूजा राजौरिया का विशेष योगदान रहा। अंग्रेजी विभाग एवं रिसर्च डेवलपमेंट सेल द्वारा सोमवार को अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान में कार्यक्रम में डीजे कॉलेज बड़ौत की डॉ. अंशु उज्ज्वल मुख्य वक्ता रहीं। कार्यक्रम की समन्वयक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. ममता उपाध्याय ने कहा कि यह विषय शोधार्थियों के लिए बेहद प्रासंगिक है। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. प्रीति और संचालन डॉ. ऐनी सैफी ने। कार्यक्रम में दीपांशी देओल, तनु तोमर, तिशा का योगदान रहा। संवाद