बिजली बिल कलेक्शन कार्य से आत्मनिर्भर बनेगी महिलाएं: एमडी
मेरठ। ग्रामीण क्षेत्र में बिजली बिल कलेक्शन कार्य में लगे स्वयं सहायता महिला समूह की महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर होंगी, बल्कि इससे महिला सशक्तिकरण के लक्ष्य को भी पूरा किया जा सकेगा। यह बात पीवीवीएनएल के एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने शनिवार को ऊर्जा भवन में आयोजित स्वयं सहायता समूह द्वारा विद्युत बिलों की वसूली के संबंध में प्रशिक्षण कार्यक्रम में कही। एमडी ने कहा बिजली बिल वसूली में स्वयं सहायता समूह के अंतर्गत महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इससे महिलाओं को आजीविका के साधन मिलेंगे और विभाग को राजस्व वसूली में मदद मिलेगी। बंगारी ने बताया पश्चिमांचल के 14 जिलों में 13 एजेंसियों का गठन हुआ है। विद्युत बिल स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से ऑनलाइन सिस्टम द्वारा वॉलेट बनाकर घर-घर जाकर जमा कराए जाएंगे। बिजली बिल वसूली के लिए महिलाओं को इंसेंटिव भी दिया जाएगा। विभाग ने कमीशन भी निर्धारित किया है। यदि कोई सखी अपने क्षेत्र के उपभोक्ताओं का 2000 रुपये का बिल जमा करती है तो उसे प्रति बिल 20 रुपये और 2000 रुपये से ऊपर करती है तो उसे बिल का एक फीसदी कमीशन दिया जाएगा। एमडी ने अच्छा कार्य करने वाली महिला सखियों को प्रशस्ती पत्र और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इसमें बागपत से उषा, वर्षा, गाजियाबाद से बृजेश देवी, बुलंदशहर से गीता और मिथलेस, बिजनौर से रीना सम्मानित हुई। निदेशक वाणिज्य आईपी सिंह ने कहा कि यह सरकार की अनूठी पहल है। जिला विकास अधिकारी दिग्विजय नाथ तिवारी, मुख्य अभियंता संजय आनंद जैन, राजीव कुमार, अधीक्षण अभियंता मुख्यालय राजेंद्र भान सिंह, अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र, अवर अभियंता नरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।