सरधना (मेरठ)। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एवं न्यायमूर्ति पंकज मित्थल ने कहा कि जब तक महिलाओं के प्रति समाज की सोच नहीं बदलेगी, तब तक महिलाओं की उन्नति नहीं हो सकती। नारी हमेशा से आगे रही है। हमें नारी को बराबरी पर लाना चाहिए। शनिवार को उन्होंने यह विचार सनातन धर्म इंटर कॉलेज के आयोजित वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए।
न्यायमूर्ति पंकज मित्थल ने कहा कि भारत में नारी की पूजा की जाती है। हम सबको नारी को शिक्षित करने के जागरूकता अभियान चलाने चाहिए। आज के समय में नारी किसी से पीछे नहीं है। नारी को शिक्षा दिलाएं, जो कि पूरे परिवार को शिक्षित करती है, जिससे देश का निर्माण होता है। नारी का सम्मान करना होगा, तभी नारी आगे बढ़ेगी। उन्हें किसी क्षेत्र में कम न आंके। नारी शक्ति असीम शक्ति है। जब भी देश पर कोई आपदा आई है नारी शक्ति ने हिस्सा लिया है। नारी पुरुषों से हर क्षेत्र में आगे है। उनका पहला निर्माण गृह निर्माण है। महिला उन्नयन के प्रति सामाजिक जागृति के लिए सभी को एकजुट होकर अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने रानी लक्ष्मी बाई का भी उदाहरण भी दिया।
सनातन धर्म इंटर कॉलेज के वार्षिकोत्सव का आयोजन नगर के रामलीला मैदान में किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। छात्राओं ने मां सरस्वती की वंदना, स्वागत गीत व सांस्कृतिक कार्यक्रम की मनमोहक प्रस्तुति दी। छात्राओं ने भारत की अनेकता में एकता को दर्शाने वाला समूह नृत्य प्रस्तुत किया, जिसमें देश की आस्था की संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। इसी प्रकार देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत मेरा भारत महान कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। हिंदी नाटक समय की ज्वलंत समस्या जैसे एसिड अटैक, कन्या भ्रूण हत्या तथा नारी शोषण, धर्म के आधार पर हिंसा पर रोशनी डाली गई।
इस दौरान एसडीएम पंकज प्रकाश राठौर, सीओ संजय जयसवाल, नीरज गुप्ता, तेजस्वी भगवान मित्तल, मदन लाल बंसल, वंदना मित्थल रस्तौगी, सुशील कुमार, सूर्यदेव त्यागी, ललित गुप्ता, नीरज गुप्ता, मानिक चंद जैन, सुशील कुमार मौजूद रहे।