बैंक से नीलामी में खरीदी पुरानी कार जब बन गई मुसीबत
मेरठ। बैंक द्वारा की नीलामी से पुरानी कार खरीदना एक शख्स के लिए मुसीबत बन गया। चक्कर काटने के बावजूद समस्या का हल नहीं निकला तो मंगलवार को पीड़ित ने जिलाधिकारी से मदद की गुहार लगाई। जाकिर कॉलोनी लिसाड़ी गेट निवासी जफर पुत्र नौशाद ने बताया 20 जनवरी को उन्होंने मोतीनगर दिल्ली स्थित एक निजी बैंक की नीलामी से 70 हजार रुपये में गाड़ी खरीदी। गाड़ी गाजियाबाद नंबर की थी। जफर का कहना है जब गाड़ी खरीदी गई तो बैंक अफसरों ने बताया गाड़ी पर न तो कोई टैक्स बकाया है और न ही किसी तरह का भुगतान। गाड़ी खरीदने के बाद जब वह आरटीओ कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि गाड़ी निजी न होकर व्यावसायिक वाहन में दर्ज है और करीब दो लाख रुपये उस पर बकाया है। वह दिल्ली में बैंक अधिकारियों से मिले, लेकिन अधिकारी उन्हें भ्रमित करते रहे। इस बीच लॉकडाउन लग गया। हाल ही में जब वह फिर बैंक अधिकारियों से मिले तो उन्होंने मदद करने से हाथ खड़े करते हुए उनके साथ अभद्रता भी की। जफर का कहना है कि उन्होंने गाड़ी लौटाकर पैसे मांगे तो उन्हें धमकी देकर भगा दिया। पुलिस भी सुनवाई नहीं कर रही है।