मेरठ। चार दिन से बदल रहे मौसम के मिजाज से फसलों को हुए नुकसान से किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस दौरान तेज हवा के साथ हुई बारिश से 15 हजार हेक्टेयर से ज्यादा गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। सरसों की फसल को 5 से 10 प्रतिशत एवं मसूर का तीन से पांच प्रतिशत की क्षति पहुंची है। पिछले तीन दिन में जिले में 73 एमएम बारिश हुई है। कृषि विभाग ने यहां सर्वे शुरू कर दिया है।
सहारनपुर में मंगलवार को भी दोपहर तक लगातार बूंदाबांदी होती रही। वहीं पहाड़ियों में बारिश के कारण सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी से ऊपर रक्तदंतिका मंदिर पर बनाई गई बाढ़ चौकी से पानी आने की आशंका के मद्देनजर अलर्ट जारी कर दिया गया। इसके बाद बाबा भूरा देव मंदिर पर ही ट्रैफिक रोक दिया। शामली में रविवार से सोमवार तक 35 मिमी बारिश हुई है। खेतों में पानी भरने से फसलें बिछ गई हैं।
उधर, मेरठ में सोमवार देर रात हुए झमाझम बारिश से 43 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। जिले में दो दिन में 102.4 मिली बारिश हुई है। 1980 से अब तक मार्च में इसी साल सबसे ज्यादा बारिश हुई है। इससे पहले 2015 में बारिश 99.8 मिमी बारिश हुई थी।