मेरठ। सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को पत्र लिखकर मेरठ के तीन नालों आबू नाला प्रथम, आबू नाला द्वितीय और ओडियन नाले के जल को शोधित कर काली नदी में डालने को कहा है। तीनों नालों के काली नदी में मिलने वाले स्थल से काफी पहले छोटे-छोटे एसटीपी लगा दिए जाए और नालों के पानी को शोधित करके काली नदी में डाला जाएगा तो कम खर्च में स्वास्थ्य लाभ और पर्यावरण की तरफ अनुकूलता रहेगी। काली नदी के आसपास के गांवों में प्रदूषित नदी के कारण कैंसर बढ़ रहा है। हैंडपंप का जल प्रदूषित है। छोटे एसटीपी लगाकर काम करने से ग्रामीणों पर आया संकट दूर हो जाएगा। एक नाले के पानी को शोधित करने के लिए 30 से 35 लाख रुपये की लागत से एसटीपी लग जाएंगे। इस तरह से तीन बड़े नालों का पानी एक करोड़ रुपये खर्च में साफ हो जाएगा। काली नदी को शुद्ध करने से आस-पास के ग्रामीणों की स्वास्थ्य की रक्षा हो जाएगी। आगामी बोर्ड बैठक में इसे पारित कराकर कार्य कराया जाए। इसके लिए सीएसआर फंड या सांसद निधि से भी पैसे की व्यवस्था की जा सकती है। संवाद