दान में 18 से 26 मार्च तक होने जा रहे श्री अयुतचंडी महायज्ञ की तैयारी जोरों पर चल रही हैं। 17 मार्च को निकलने वाली भव्य कलश यात्रा की तैयारियों में महायज्ञ कमेटी जुटी हुई है। स्वामी दिव्यानंद महाराज के लिए स्पेशल जीप रथ तैयार कराया गया है। मानव कल्याण के लिए ‘यज्ञ से शुद्धि, प्रदूषण से मुक्ति’ भाव को लेकर क्रांतिधरा पर अब तक का सबसे बड़ा श्री अयुतचंडी महायज्ञ होने जा रहा है। बृहस्पतिवार को श्री शतमुख कोटि होमात्सक श्री अयुतचंडी महायज्ञ समिति अध्यक्ष ज्ञानेंद्र अग्रवाल ने मीडिया को महायज्ञ के लिए चल रही तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महायज्ञ में एक करोड़ आहुतियां दी जाएंगी। 17 मार्च को सुबह 8 बजे से श्री बाबा औघड़नाथ मंदिर से कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसमें 1100 महिलाएं शामिल होंगी। 250 महिलाओं की प्रत्येक टोली के बीच कीर्तन मंडली चलेगी। यात्रा में ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए बैंडबाजा और लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जाएगा। केवल भजन और कीर्तन मंडली ही भजन-कीर्तन करेगी। यात्रा में 250 से ज्यादा दंडी साधु हिस्सा लेंगे। बनारस से 400 ब्राह्मण आएंगे जो 9 दिन तक यज्ञ करेंगे। कलश यात्रा में स्वामी दिव्यानंद जी महाराज को स्पेशल जीप रथ पर बैठाया जाएगा। औघड़नाथ मंदिर में 1100 कलश और नारियल पहुंच चुके हैं। कमेटी उपाध्यक्ष गिरीश बंसल, महामंत्री प्रवीण गुप्ता, कलश यात्रा प्रमुख महेश सिंघल, अशोक चौधरी, मंत्री भारत भूषण, अनिल मित्तल, अंकित सिंघल, रूपक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।