मेरठ। पुलिस कस्टडी से भागने के बाद एक्सप्रेसवे पर पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए विजय और नसीमुद्दीन को रविवार को टीपीनगर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। वहीं, इन्हें छुड़ाने वाले चारों बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं। पुलिस की टीमों ने रविवार को चारों बदमाशों की धरपकड़ के लिए कई जगहों पर दबिश भी दी, लेकिन हाथ नहीं लगे।
थाना प्रभारी संतशरण सिंह का कहना है कि नसीमुद्दीन शातिर किस्म का बदमाश है। इसके खिलाफ गाजियाबाद व टीपीनगर थाने में करीब आठ मुकदमे दर्ज हैं। दोनों बदमाशों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद इनका गैंग भी पंजीकृत किया जाएगा। इनसे जुड़े अन्य बदमाशों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी।
तीन फरवरी को एनएच-58 पर जैन शिकंजी आउटलेट के मालिक जगदीश प्रसाद सहित पांच लोगों से लूटपाट के मामले में शुक्रवार को नसीमुद्दीन व विजय को टीपीनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। शनिवार दोपहर जिला अस्पताल ले जाते समय रानी मिल के पास कार सवार चार बदमाश मोसीन, सलमान व शम्मी निवासी मीठेपुर बुलंदशहर और जाकिर निवासी लिसाड़ी गेट ने पुलिस कस्टडी से छुड़ा ले गए थे। सात घंटे बाद पुलिस ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर मुठभेड़ के बाद विजय व नसीमुद्दीन को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था।
टीपीनगर थाना प्रभारी संतशरण सिंह का कहना है कि जल्द ही फरार बदमाशों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।