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Meerut News: वीडियो कॉल से ट्रेन में महिला को कराई डिलीवरी

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शामली। मेरठ प्रांत की विश्व हिन्दू परिषद दुर्गावाहिनी की बहनों ने अयोध्या जाते समय आपसी सौहार्द की अनूठी मिसाल कायम की। अयोध्या एक्सप्रेस ट्रेन में अचानक एक गर्भवती महिला की हालत बिगड़ गई, जिस पर विश्व हिन्दू परिषद दुर्गावाहिनी की बहनों ने महिला डाक्टर को वीडियो कॉल पर लेकर मात्र 20 मिनट में सफल डिलीवरी कराई। महिला ने बेटी को जन्म दिया है, जिसे हर किसी ने सीता का रूप बताया।
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विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री हिमांशु शर्मा ने बताया कि वह करीब 100 कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली से शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे अयोध्या के लिए सवार हुए। बाराबांकी से पूर्व ही एक मुस्लिम महिला की अचानक तबीयत खराब हो गई, जो गर्भवती थी। इस पर मेरठ प्रांत विश्व हिन्दू परिषद दुर्गावाहिनी की बहन काजल सैनी, दीक्षा, शिवानी, स्वाति डिलीवरी कराने के लिए आगे आईं। चारों एमए, एलएलबी और बीए की छात्राएं हैं। इन्होंने सूझबूझ का परिचय देते हुए अपनी जानने वाली एक महिला चिकित्सक को डिलीवरी के बारे में बताया। इसके बाद बॉलीवुड फिल्म थ्री इडियट्स की तर्ज पर महिला चिकित्सक ने वीडियो कॉल कर चारों को गाइड किया और मात्र 20 मिनट में सफल डिलीवरी हो गई। हर किसी ने चारों की सराहना की।
महिला के पति अशरफ अली ने बताया कि वह दक्षिणी दिल्ली में टेलर की दुकान करते हैं। उसकी पत्नी रजिया बाराबांकी के फैजलपुर की रहने वाली है। दोनों दिल्ली से फैजलपुर के लिए ही जा रहे थे। अचानक रास्ते में पत्नी की हालत बिगड़ गई। विश्व हिन्दू परिषद दुर्गावाहिनी की बहनों ने सौहार्द की मिसाल कायम की है। जच्चा और बच्चा की जान बचाई। वरना दूर दूर तक डाक्टर नहीं थे, दोनों की जान भी जा सकती थी।
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- महिला को प्राइवेट अस्पताल में कराया भर्ती

विश्व हिंदू परिषद शामली के जिला मंत्री हिमांशु शर्मा ने बताया कि डिलीवरी के बाद रेलवे स्टेशन पर ही उन्होंने एंबुलेंस का बुला लिया था। दोनों की हालत बिल्कुल ठीक है। विहिप के संस्कारों के कारण ही मदद कर जच्चा और बच्चा की जान बचाई जा सकी। महिला का बाराबांकी के प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा है।
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तीन डिलीवरी सिजेरियन से, पहली नार्मल हुई
महिला रजिया के परिवार में पहले ही दो बेटे और एक बेटी है। अशरफ ने बताया कि पूर्व में हुई तीनों डिलीवरी सिजेरियन से हुईं, मगर ट्रेन में बहनों ने नार्मल डिलीवरी कराने में अहम भूमिका निभाई।

-राम के नाम का कर रही थीं जप
विश्व हिन्दू परिषद दुर्गावाहिनी की प्रांत सह संयोजिका काजल सैनी ने बताया कि डिलीवरी के दौरान चारों भगवान राम और सीता के नाम का जप कर रहे थे। भगवान के नाम का जप करने के कारण ही वह सुरक्षित डिलीवरी कराने में सफल रहे।
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