सरधना। क्षेत्र के महादेव गांव में करीब एक साल पहले हुए वत्सल त्यागी हत्याकांड का पुलिस अभी तक खुलासा नहीं कर पाई है। दूसरी तरफ मामले में विवेचक ने फाइनल रिपोर्ट लगाते हुए आत्महत्या करने की बात कही है। इसके विरोध में मृतक के परिजनों ने एसएसपी से इंसाफ की गुहार लगाई। तब जाकर एसएसपी ने जांच सरधना से हटाकर रोहटा थाना पुलिस को दी। अब भी पुलिस प्रशासन मृतक के परिजनों को इंसाफ की गुहार लगाने से रोक रही है। रविवार को मुख्यमंत्री से मिलने जाते समय मेरठ में सरधना व रोहटा थाना पुलिस ने मृतक वत्सल के परिजनों को रोक लिया तथा समझा-बुझाकर घर भेजा।
महादेव गांव में बीते वर्ष 17 अप्रैल को बीएससी के छात्र वत्सल त्यागी पुत्र प्रदीप अपने नलकूप पर गया था। छात्र का गोली लगा शव उसके खेत पर चारपाई पर पड़ा मिला था। परिजनों ने गांव के तीन लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उनको छोड़ दिया गया था। विवेचक ने आत्महत्या बताते हुए 22 दिसंबर, 2022 को फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। मृतक के पिता प्रदीप व मां प्रियंका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इंसाफ मांगने के लिए लखनऊ जा रहे थे। सरधना व रोहटा थाना पुलिस ने उन्हें सोहराबगेट बस स्टैंड पर रोक लिया। सीओ ब्रजेश कुमार सिंह का कहना है मामले की जांच रोहटा थाना को दी गई थी, यदि मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई तो विवेचक से जवाब लिया जाएगा। जांच पूरी करते हुए घटना का खुुलासा किया जाएगा।