दौराला/मेरठ। मटौर गांव में साधन सहकारी समिति में सभापति के चुनाव के दौरान बवाल हो गया। सभापति का चुनाव लड़ रहे दो प्रत्याशियों राजेश और धर्मेंद्र ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया। इस दौरान पथराव और फायरिंग भी हुई। इससे गांव में दहशत फैल गई। सूचना पर पहुंचे सीओ और पुलिस टीम ने स्थिति को संभाला। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया। वहीं, कुछ संचालकों को उठाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने हंगामा किया। इसके चलते चुनाव निरस्त कर दिया गया।
मटौर निवासी राजेश और मोहम्मदपुर निवासी धर्मेंद्र सभापति चुनाव में आमने-सामने थे। नौ संचालकों की वोट डाली जानी थी। दोपहर चुनाव अधिकारी मनीष शर्मा और पवन कुमार ने चुनाव चिह्न आवंटन किए। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही दोनों पक्षों के समर्थकों में विवाद हो गया।
राजेश ने आरोप लगाया कि उसके पक्ष में छह संचालक थे। जब इसकी जानकारी धर्मेंद्र पक्ष को हुई तो वह कार में छह-सात लोगों को लेकर समिति पर पहुंचे। उन्होंने मतदाताओं को हथियारों के बल पर धमकाना शुरू कर दिया। आरोपियों ने फायरिंग भी की। बाद में ग्रामीण पहुंचे तो आरोपियों ने पथराव कर दिया। बाद में धर्मेंद्र पक्ष के लोग फायरिंग करते हुए भाग निकले।
वहीं, धर्मेंद्र पक्ष ने आरोप लगाया कि वह आपत्ति दर्ज कराने के लिए समिति पहुंचे थे। इस दौरान राजेश ने अपने पक्ष के लोगों के साथ मिलकर उन पर जानलेवा हमला किया। हमले में उनका भाई अंकुर घायल हो गया। राजेश पक्ष के लोगों ने उनकी गाड़ी पर पथराव भी किया। यह भी आरोप है कि राजेश पक्ष के लोग तीन संचालकों को बलपूर्वक उठाकर ले गए। पथराव और फायरिंग की सूचना पर सीओ दौराला अभिषेक पटेल पुलिस बल के साथ पहुंचे और स्थिति को संभाला।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने घायलों को सीएचसी में उपचार दिलाया। यह घटना संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी दीपक मीणा के आदेश पर चुनाव निरस्त कर दिया गया। थाना प्रभारी संजय कुमार शर्मा ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
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नामांकन के लिए पहुंचे प्रत्याशी को उठाया, भाई ने अपहरण की तहरीर दी
मवाना। गांव मीवा में सहकारी समिति में सभापति पद के लिए नामांकन करने पहुंचे गांव गुढ़ा निवासी सुनील कुमार को कुछ लोग मारपीट करते हुए उठाकर ले गए। गुस्साए ग्रामीण काफी संख्या में ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रत्याशी के अपहरण का आरोप लगाते हुए चुनाव निरस्त कराने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रत्याशी के भाई ने थाने में अपहरण की तहरीर दी। थाना प्रभारी ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।
गांव मीवा में सहकारी समिति में रविवार को सभापति एवं उपसभापति का चुनाव होना था। इसके लिए गांव गुढ़ा निवासी समिति सदस्य सुनील कुमार सभापति पद के लिए नामांकन करने मीवा समिति पहुंचे। जनपद ईंट निर्माता संघ के अध्यक्ष केपी सिंह ने बताया कि सुनील कुमार के पक्ष में समिति के चार सदस्य थे, जो उनके साथ पहुंचे थे। आरोप है कि तभी प्रतिद्वंदी प्रत्याशी अपने साथियों के साथ उसे उठाकर ले गए। गुस्साए ग्रामीणों ने केपी सिंह के नेतृत्व में मवाना पहुंचकर एसडीएम अखिलेश यादव और थाने में शिकायत की।
भाई अशोक ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि प्रतिद्वंदी पक्ष ने अवैध हथियारों के बल पर अपहरण किया। उन्होंे बताया कि सुनील के पास 80 हजार रुपये और कुछ जरूरी कागजात थे। सुनील को नामांकन नहीं करने दिया गया। वहीं, थाना प्रभारी अजय कुमार ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। थाने में तहरीर देने वालों में अशोक कुमार के साथ जितेंद्र कुमार, संदीप, राज सिंह, ज्ञान सिंह, जगशरण सिंह, भोपाल, अजयपाल, ऋषिकुमार, महकार सिंह, नंदराम, रतिराम, संजय सरदार सिंह, कमल, सुनील आदि काफी संख्या में थे।
जांच कर संवैधानिक कार्रवाई की जाए : यादव
सपा नेता मास्टर कृष्णपाल सिंह यादव ने कहा कि मीवा में सभापति चुनाव के दौरान हुई घटना संवैधानिक अधिकारों का खुलेआम हनन है। हर नागरिक को चुनाव लड़ने का अधिकार संविधान ने दिया है। प्रत्याशी के अपहरण मामले की सही जांच कर संवैधानिक कार्रवाई होनी चाहिए।