मेरठ। दिल्ली रोड पर मेरठ साउथ स्टेशन के नीचे आराम कर रहे गाजियाबाद निवासी शिवभक्त मोहित की कांवड़ पर शनिवार शाम को मेट्रो के कर्मचारी ने गुटखा खाकर थूक दिया। जिसे कांवड़ियों ने देखा लिया और कांवड़ खंडित करने का आरोप लगा हंगामा किया। इस दौरान कांवड़ियों की पुलिस से भी नोकझोंक हुई।
सूचना पर एसपी सिटी, सीओ और कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और आक्रोशित कांवड़ियों को शांत कराया। सरकारी गाड़ी से शिवभक्त को जल लेने के लिए हरिद्वार के लिए रवाना किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। इस घटना के बाद कांवड़ियों के तोड़फोड़ करने की सूचना वायरल हुई, लेकिन पुलिस ने इसे नकार दिया।
घंटाघर गाजियाबाद निवासी मोहित शनिवार को अपने दोस्त अरूण व करन के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर गाजियाबाद जा रहे थे। भूडबराल के पास मेट्रो साउथ स्टेशन के नीचे तीनों विश्राम कर रहे थे। तभी ऊपर से मेट्रो के किसी कर्मचारी ने गुटखा खाकर नीचे थूक दिया। कांवड़ियों का आरोप था कि कर्मचारी की करतूत से उनकी कांवड़ खंडित हो गई। जानकारी मिलने पर अन्य कांवड़िये भी एकत्रित हो गए।
कांवड़ियों ने मेट्रो स्टेशन में घुसने की कोशिश की। कुछ कांवड़ियों ने स्टेशन पर लगा गेट को तोड़ने का प्रयास किया। वहां मेट्रो के कर्मचारी बैठे थे। कावंडियों ने पुलिस अधिकारियों से आरोपी कर्मचारी को बुलाने की मांग की। पुलिस ने शिवभक्त मोहित को अभिरक्षा में हरिद्वार कावंड़ लेने के लिए भेजा। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि कांविड़यों को शांत कर दिया था। तोड़फोड़ करने की बात सोशल मीडिया पर गलत प्रसारित की गई है।