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Meerut News: बाबा साहेब की जन्मस्थली महू से दलितों को बड़ा संदेश देने की कोशिश

Sat, 15 Apr 2023 02:57 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
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मेरठ। अगले महीने होने वाले निकाय चुनाव और अगले वर्ष प्रस्तावित लोकसभा चुनाव के लिए दलित वोटों की लामबंदी शुरू हो गई है। सपा-रालोद और आसपा गठबंधन के तीनों बड़े नेता अखिलेश यादव, चौधरी जयंत सिंह और चंद्रशेखर आजाद ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश में बाबा साहेब की जन्मस्थली महू (अब डॉ. आंबेडकर नगर) से दलित समाज को बड़ा संदेश देने की कोशिश की। उन्होंने वहां पहुंचकर डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती मनाई और दलित महापुरुषों को याद किया। इससे साफ जाहिर होता है कि गठबंधन के तीनों नेताओं की नजर वेस्ट यूपी में दलित वोटों पर है।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुस्लिमों के बाद सर्वाधिक संख्या अनुसूचित जाति की है। एससी वर्ग के बड़े हिस्से को लंबे समय से बसपा का वोट बैंक माना जाता रहा है। यह वोट बैंक पश्चिमी यूपी में राजनीतिक समीकरण में उलटफेर करने की क्षमता रखता है। इस वोट बैंक पर आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के साथ ही सपा के अखिलेश यादव और रालोद के जयंत चौधरी की नजर है। इसी साल हुए खतौली विधानसभा के उपचुनाव में गठबंधन अपनी ताकत का अहसास करा चुका है। पिछले चुनाव में भाजपा द्वारा जीती गई इस सीट पर रालोद उम्मीदवार मदन भइया की बड़ी जीत में दलितों की अहम भूमिका रही है। तीनों नेताओं की तिगड़ी ने इस जीत में अहम भूमिका निभाई। अनुसूचित जाति के युवाओं का एक बड़ा हिस्सा चंद्रशेखर आजाद के साथ है। उन्होंने कड़ी मेहनत कर मेरठ, बिजनौर के अलावा पश्चिमी यूपी के कई जिलों में अपना संगठन खड़ा किया है। जिला पंचायत चुनाव में भी कई जिलों में आसपा को बसपा से ज्यादा कामयाबी मिली है।
बसपा सुप्रीमो मायावती के तेवर पिछले कुछ समय से धारदार नहीं है। भाजपा पर हमला करने से पहले वह कांग्रेस और सपा को कटघरे में खड़ा करती हैं। इसके विपरीत चंद्रशेखर, अखिलेश और जयंत भाजपा पर सीधा हमला कर रहे हैं। दलितों में भाजपा विरोधी अख्तियार करने वाले लागों में बसपा को लेकर बेचैनी है। ऐसे उन लोगों को गठबंधन की ओर करने के लिए गठबंधन के तीनों बड़े नेता महू जाकर डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती मना रहे हैं। इतना ही नहीं अभी हाल ही में अखिलेश यादव ने रायबरेली में बसपा संस्थापक स्वर्गीय कांशीराम की प्रतिमा का अनावरण भी किया। इसके अलावा महात्मा ज्योतिबां फूले और छत्रपति साहूजी महाराज आदि की जयंती मनाई जा रही हैं। प्रदेश भर में दलित महापुरुषों की जयंती मनाई जा रही हैं और शोभायात्रा निकालकर दलित वोट बैंक को संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है।
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