फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रांसपोर्टरों पर पड़ रही दोहरी मार, खड़ी बसों का देना पड़ रहा टैक्स

विज्ञापन
विज्ञापन
ट्रांसपोर्टरों ने टैक्स में राहत देने की लगाई गुहार
विज्ञापन

मेरठ। लॉकडाउन में कारोबार ठप होने से ट्रांसपोर्टर परेशान हैं। उन्होंने पैसेंजर और रोड टैक्स से राहत देने की गुहार लगाई है। वर्तमान में परिवहन व्यवस्था का इस्तेमाल जरूरी खाद्य सामग्री की ढुलाई के लिए ही हो रहा है। प्राइवेट और रोडवेज बसें खड़ी हैं। ऐसे में ट्रांसपोर्टरों की कमाई बंद है और टैक्स लगातार चढ़ता जा रहा है। टैक्स माफ कराने के लिए अनुबंधित बस ऑनर्स एसोसिएशन ने रोडवेज के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा है। अध्यक्ष प्रदीप सिंह का कहना है कि लॉकडाउन में अनुबंधित बस ऑपरेटर बस नहीं चला पा रहे हैं। उन पर पैसेंजर और रोड टैक्स लग रहा है। बिना कमाई टैक्स देने के कारण ट्रांसपोर्टरों पर दोहरी मार पड़ रही है। सरकार टैक्स में छूट देकर राहत दे। बस ऑपरेटरों का कहना है कि प्रति बस प्रति माह 23400 रुपये पैसेंजर टैक्स और प्रति बस प्रति तिमाही 3074 रुपये रोड टैक्स देना पड़ता है। आरटीओ डॉ. विजय कुमार का कहना है कि कोरोना वायरस के प्रकोप का असर विश्वव्यापी है। सरकार लोगों को हर क्षेत्र में राहत देने का काम कर रही है। ट्रांसपोर्टरों की मांग वाजिब है। सरकार के आदेशानुसार काम किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें