मेरठ के चिरौड़ी गांव निवासी एक युवक ने अपनी पत्नी को हाथ-पैर बांधकर बेड में बंद कर दिया। फिर दौराला थाने पहुंचकर गुमशुदगी की तहरीर दी। मायके पक्ष के लोग ससुराल पहुंचे और घर की तलाशी ली तो विवाहिता को बेहोश की हालत में बंधन मुक्त कराया। पुलिस ने महिला के ससुर को हिरासत में लिया।
मसूरी गांव निवासी भरत सिंह ने अपनी बेटी रीनू की शादी दस साल पूर्व चिरौड़ी गांव निवासी रणकुमार पुत्र धर्मवीर से की थी। रीनू ने बताया कि उसका पति उसके चरित्र पर सवाल उठाता है, जिसके चलते आए दिन घर में कलह रहती है।
पति मारपीट भी करता था। आरोप है कि चार दिन पूर्व इसी बात के चलते पति ने उसके हाथ-पैर बांध दिए और बेड में बंद कर दिया। किसी को शक न हो इसलिए बेड के ऊपर आलू की बोरियां रख दीं। रणकुमार ने चार दिन पूर्व ही दौराला थाने में पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस महिला की तलाश में जुटी थी।
गुमशुदगी की सूचना पर भाई रविंद्र अपनी पत्नी रेखा और छोटी बहन को लेकर चिरौड़ी पहुंचा। उसने घर की तलाशी शुरू की। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने तलाशी करने का विरोध किया, जिस पर उनका शक और गहरा गया। उन्होंने आलू की बोरियां हटाकर बेड खोला तो रीनू बेड के अंदर बंद थी और बेहोशी की हालत में थी। उन्होंने रीनू के हाथ पैर खोले और सीएचसी दौराला में भर्ती कराया। भरत सिंह ने दौराला पहुंचकर पुलिस को जानकारी दी। महिला के बयान लेने के बाद पुलिस ने ससुर धर्मवीर को हिरासत में ले लिया। पति रणकुमार फरार हो गया। चिकित्सकों ने महिला को उपचार दिया। फिलहाल, महिला की हालत सामान्य है। थाना प्रभारी संजय कुमार शर्मा का कहना है कि मायके पक्ष के लोगों ने बेड के अंदर से रीनू को बरामद किया है। ससुर से पूछताछ की जा रही है।