सहारनपुर। देहात कोतवाली क्षेत्र के शेखपुरा गांव मुस्लिम बाहुल्य है, लेकिन यहां पर कभी भी इस तरह का बवाल नहीं हुआ। गांव की आबादी भी करीब 25 हजार है। जिस तरीके से युवाओं की भीड़ ने यह बवाल किया है उससे बड़े बुजुर्ग भी हैरान हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों ने पुलिस पर पथराव किया है वे गांव के नहीं हैं। असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया।
प्रधान प्रतिनिधि राव खुर्रम ने बताया कि शेखपुरा गांव जिले का सबसे बड़ी आबादी वाला गांव है। पुलिस पर पथराव की घटना बेहद ही शर्मनाक है। वह किसी काम से शहर आए हुए थे। जैसे ही उन्हें पथराव की जानकारी मिली तो तुरंत गांव पहुंचे। लोगों को समझाया। प्रधान प्रतिनिधि का कहना है कि कुछ लोगों की ज्ञापन देने की योजना थी, जो शांतिपूर्ण तरीके से दे दिया गया था। इसके बाद युवाओं की भीड़ कहां से आई यह समझ से परे है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने भीड़ का फायदा उठाया है, जिनकी वजह से माहौल खराब हुआ है। गांव में कभी भी इस तरह की घटना नहीं हुई, लेकिन असामाजिक तत्वों की वजह से छवि खराब हो गई।
- उखड़ी हुई थी सड़क, वहीं से उठाए पत्थर
जिस जगह पर यह बवाल हुआ है वहां पर सड़क उखड़ी हुई है, जिस पर जगह-जगह पत्थर पड़े हुए हैं। करीब 200 मीटर दूर रेलवे लाइन भी है। वहां पर भी पत्थर पड़े हुए हैं। भीड़ ने इसी का फायदा उठाया। जिसके बाद पुलिस पर पथराव किया गया। कुल मिलाकर हर परिस्थितियां पुलिस के विपरीत थी।
- ऐसे हुआ घटनाक्रम
10 बजे पुलिस गांव में ज्ञापन लेने के लिए पहुंची
11:10 बजे ज्ञापन देने के लिए गांव में भीड़ इकट्ठा हो गई
11:50 बजे थाना प्रभारी को भीड़ ने ज्ञापन सौंप दिया
12:10 बजे तक भीड़ अपने-अपने घरों की तरफ लौट गई
12:15 बजे पुलिस भी गांव से चौकी पर आ गई
12:30 बजे युवाओं की भीड़ इकट्ठा हुई और पुलिस चौकी की तरफ बढ़ने लगे
12:45 बजे तक पुलिस ने युवाओं की भीड़ को समझाने की कोशिश की
12:50 बजे भीड़ का रूख देखकर पुलिसकर्मियों ने लाठिया फटकार दी, तभी पथराव शुरू हो गया
01:20 बजे तक कभी भीड़ पथराव करती तो कभी पुलिसकर्मी उनसे बचते दिखाई दिए
01:30 बजे कई थानों की फोर्स और अधिकारी मौके पर पहुंचे और भीड़ को खदेड़ा
05:00 बजे तक 12 उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया गया।