मेरठ। शहर का वीवीआईपी इलाका सिविल लाइन। यहां पुलिस-प्रशासन और न्यायाधीश के आवास से लेकर सर्किट हाउस में आने वाले मंत्री तक की सुरक्षा का जिम्मा पुलिस पर है। अब वीवीआईपी की देखरेख करन पुलिस के लिए मुश्किल हो गया है। अतिसंवेदनशील और वीवीआईपी क्षेत्र का हवाला देते हुए फोर्स को बढ़ाने की मांग रखी है। एसएसपी को इस बाबत इंस्पेक्टर ने रिपोर्ट भेजी है, ताकि फोर्स की कमी दूर होने से कानून व्यवस्था का सही ढंग से पालन हो सके।
सिविल लाइन पुलिस ने फोर्स की कमी का हवाला देकर कई बार अधिकारियों से मौखिक रूप से कहा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब पत्राचार से इसका हल निकाला है। सिविल लाइन थाने के इंस्पेक्टर विशंबर गंगवार ने एसएसपी रोहित सिंह सजवाण को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने बताया कि उनके थाने में 22 हेड कांस्टेबल जबकि 48 कांस्टेबल है। उन्होंने हवाला दिया कि चौकी हाशिमपुरा और सूरजकुंड अति संवेदनशील क्षेत्र में शामिल है। कचहरी चौकी में आए दिन गंभीर पराधों में संल्प्ति अपराधी भी कोर्ट में पेश होने के लिए आते है। रोजाना किसी न किसी बात को लेकर विभिन्न राजनैतिक पार्टियों और संगठनों द्वारा धरना प्रदर्शन किया जाता है। क्षेत्र में सर्किट हाउस भी होने के चलते वीवीआईपी और वीआईपी भी आते रहतें है। जिस कारण थाना क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना कठिन हो जाता है। उन्होंने मांग रखी कि दो हेड कांस्टेबल और 58 कांस्टेबल को थाने में तैनात किया जाना चाहिए।