फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लिसाड़ी गेट के युवक को पीटकर मार डाला

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादनगर में हुई वारदात, शव को दबाने के लिए खोदा गया गड्ढा, नजदीक मिले नमक के कई पैकेट
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ/गाजियाबाद। मुरादनगर में रावली रोड टेलीफोन एक्सचेंज के सामने स्थित झुग्गी-झोपड़ी में पीट-पीटकर लिसाड़ी गेट खुशहाल कालोनी निवासी मंजूर की हत्या कर दी गई। आरोपियों ने शव को दफनाने के लिए गहरा गड्ढा भी खोद लिया गया, लेकिन किसी वजह से शव को दफन नहीं कर सके। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस को बोरे में बंद शव मिला। गड्ढे के नजदीक नमक के कई पैकेट भी पुलिस को बरामद किए है। पुलिस का मानना है कि सिर में डंडा मारकर युवक की हत्या की गई है। शव मेरठ आने के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। हत्यारोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
टेलीफोन एक्सचेंज के सामने खाली पड़ी जमीन पर झुग्गी झोपड़ी बनी हैं, जिनमें कई परिवार रहते हैं। थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि कुछ लोगों ने बोरे से पैर निकले देख शव की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसकी शनाख्त शुरू की। बताया कि पास मिले मोबाइल से शनाख्त मयूर (35) पुत्र इस्माइल निवासी लिसाड़ी गेट खुशहाल कालोनी मेरठ के रूप में हुई। बताया कि मृतक की बहन साहिबा मुरादनगर जीतपुर कॉलोनी में रहती है, मंजूर की दोस्ती बिलाल मस्जिद के पास रहने वाले एक युवक से थी। बुधवार रात वह अपने दोस्त मिलने गया था। थाना प्रभारी ने बताया कि देखने में ऐसा लग रहा है जैसे सिर में डंडे से बार-बार प्रहार कर उसकी हत्या की गई है। मृतक के मोबाइल की सीडीआर निकाली जा रही है। हत्याकांड का जल्द खुलासा कर दिया जाएगा। मेरठ पहुंचे शव का देर रात सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है। हत्या का आरोप परिजनों के द्वारा लगाया गया है। वहीं लिसाड़ी गेट पुलिस ने मुरादनगर पुलिस से संपर्क कर कार्रवाई के लिए परिजनों की बातचीत कराई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रात में हुआ था विवाद
बुधवार रात झुग्गी झोपड़ी में किसी से मंजूर का विवाद हो गया। दोनों में मारपीट भी हुई थी। शक है कि झुग्गी में रहने वाले लोगों ने युवक को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा। हत्या के बाद शव को बोरे में बंद कर दिया। मारपीट की सूचना किसी ने पुलिस को दी थी। पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में भी लिया था, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद यहां रहने वाले परिवार समेत फरार हो गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें