मोदीपुरम। रुड़की रोड स्थित इंद्रलोक कॉलोनी के पार्क में चल रही श्रीराम कथा सुनने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। रविवार को भी श्रीराम कथा में कथा व्यास धर्म मूर्ति महाराज ने भक्तों को भगवान श्रीरामचंद्र की बाल लीलाओं का प्रसंग सुनाया। कहा कि भगवान भक्तों से दूर नहीं है। वह वह कठोर नहीं है, वह तो सरल हैं। हम सभी के साथ वह मनुष्य के भाव से जुड़े हैं। माता-पिता और परिवार का महत्व भगवान राम बचपन से ही हम सभी को कथाओं से समझते है कि सभी माता की आज्ञा में, पिता की मर्यादा में, भाइयों के प्रेम में पले। बताया कि धर्म की शुरुआत घर से होती है। भगवान श्रीराम ने अपने बचपन में ही दो यज्ञ को संपन्न कराया। संवाद