मेरठ। विश्व श्रमण संस्कृति श्रीसंघ की ओर से रविवार को महावीर जयंती भवन में पूजन प्रशाल शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का संयोजन सौरभ जैन सराफ ने किया। शिविर में 75 से अधिक बालक एवं बालिकाओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम में बच्चों को भक्तामर स्तोत्र का महत्व बताया गया। सौरभ जैन एवं गौरव जैन ने बताया कि आचार्य मानतुंग जी पर उपसर्ग आने पर राजा भोज ने उन्हें 48 कोठरियों वाले बंदीगृह में बंद करा दिया था। तब आचार्य मानतुंग ने प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ भगवान की स्तुति करते हुए 48 पदों की रचना की। इससे सभी ताले टूट गए और आचार्य सुरक्षित बाहर आ गए। शिविर में देवेंद्र जैन, विनोद जैन एवं अतुल जैन ने प्रक्षाल की क्रियाएं संपन्न कराईं। वहीं गौरव जैन, राहुल जैन, वैभव जैन, सम्यक जैन एवं अमन जैन ने पूजन विधि कराई। संवाद