- एक वर्ष में भी नहीं कर पाया शिक्षा विभाग प्रक्रिया पूरी, नया सत्र शुरू होने में 14 दिन शेष
- जनपद में पंजीकृत है 96089 विद्यार्थी, और 22,992 छात्र-छात्राओं को बिना ड्रेस, जूते, मौजे, जर्सी के ही आना पड़ा स्कूल
शामली। परिषदीय स्कूलों के 22 हजार से ज्यादा बच्चे बिना यूनिफॉर्म के पूरे वर्ष स्कूल आते रहे। ठंड भी आकर चली गई, लेकिन उन्हें ड्रेस, जर्सी, जूते, मौजे का पैसा नहीं मिला। बेसिक शिक्षा विभाग इनके अभिभावकों का आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक नहीं कर पाया। अगले वर्ष भी उन्हें यूनिफॉर्म के पैसे लेने का इंतजार करना होगा।
बेसिक शिक्षा विभाग के जनपद में जनपद में 716 स्कूल संचालित हैं। जिसमें प्राथमिक 504 व उच्च प्राथमिक, कंपोजिट 212 स्कूल शामिल हैं। छात्र-छात्राओं को यूनिफाॅर्म के लिए सरकार 1200 रुपये देती है। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों के 22992 बच्चों को पूरा साल निकलने के बाद भी यूनिफॉर्म के लिए धनराशि नहीं मिल सकी। आधार कार्ड संशोधन में धनराशि लटक गई है।
सत्र खत्म होने को है, लेकिन धनराशि मिलने की संभावना भी अब कम ही बची है। जनपद में 96 हजार 89 छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के आधार नंबर बैंक खातों से लिंक होने थे, लेकिन अभी तक मात्र 73,097 के ही लिंक हो पाए। बाकी छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म का पैसा मिलना अब मुश्किल है।
- 31 मार्च के बाद वापस हो जाएगी 2.75 करोड़ से ज्यादा की धनराशि
वित्नीय वर्ष 2022-23 का समापन 31 मार्च को होने जा रहा है। 31 मार्च तक संबंधित छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में यह धनराशि नहीं पहुंच सकी तो विभाग को यह 2.75 करोड़ से ज्यादा की धनराशि सरकार को वापस करनी होगी। समय रहते विभागीय जिम्मेदारों को धनराशि भुगतान के लिए प्रयास करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
- खूब हुए स्कूलों के निरीक्षण, नहीं दिया ध्यान
डीएम, सीडीओ, बीएसए व अन्य अधिकारियों ने वर्षभर स्कूलों के कई बार निरीक्षण किए, लेकिन किसी भी अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। अधिकारी ध्यान देते तो शायद इतनी बड़ी संख्या में बच्चे यूनिफॉर्म से वंचित नहीं रहते। इस बार भी बेसिक शिक्षा विभाग अभिभावकों के बैंक खाते आधार से लिंक कर पाएगा, यह कहना मुश्किल है।
छात्र-छात्राओं के अभिभावकों का आधार नंबर गलत होने के कारण बैंक खाते से लिंक नहीं हो सके। विभाग लगातार खातों को लिंक कर रहा है। सभी छात्र-छात्राओं की यूनिफॉर्म का पैसा बैंक खाते में भेज दिया जाएगा। - अमित कुमार, जिला समन्वयक, शामली